एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायालय (POCSO कोर्ट) किन्नौर, रामपुर ने नाबालिग से दुष्कर्म के एक गंभीर मामले में बड़ा और सख्त फैसला सुनाया है। अदालत ने आरोपी राहुल पुत्र बृज लाल, निवासी गांव चलुना, डाकघर शिवान, तहसील कुमारसैन, जिला शिमला (उम्र 23 वर्ष) को भारतीय दंड संहिता एवं POCSO अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी ठहराते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।
फैसले की जानकारी देते हुए उप जिला न्यायवादी कमल चन्देल ने बताया कि पीड़िता की उम्र घटना के समय 16 वर्ष थी और वह अपनी नानी के पास रहती थी। दिसंबर 2022 में जब पीड़िता स्कूल जा रही थी, तभी आरोपी उसे जबरदस्ती भगाकर कसौली (जिला सोलन) ले गया। वहां आरोपी ने अलग-अलग 2-3 किराये के मकानों में रखकर लगभग एक वर्ष तक, पीड़िता के विरोध के बावजूद, उसके साथ जबरन शारीरिक संबंध बनाए।
पीड़िता द्वारा पुलिस या न्यायालय में शिकायत करने की कोशिश पर आरोपी उसे जान से मारने की धमकी देता रहा। इसके बाद आरोपी पीड़िता को कसौली से अपने गांव ले गया, जहां भी उसे करीब 5-6 महीने तक बंधक बनाकर दुष्कर्म करता रहा। आरोपी पीड़िता को धमकाता था कि 18 वर्ष की उम्र पूरी होने तक उसे बंद कमरे में उसी के साथ रहना पड़ेगा, अन्यथा वह उसे मार देगा।
वर्ष 2024 में आरोपी पीड़िता को उसके घर छोड़कर फरार हो गया। इसके बाद पीड़िता ने थाना कुमारसैन में आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई, जिस पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार किया।
मुकदमे के दौरान अदालत में कुल 19 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। सभी गवाहों, SFSL रिपोर्ट और विशेष लोक अभियोजक द्वारा प्रस्तुत सशक्त दलीलों के आधार पर माननीय न्यायालय ने आरोपी को दोषी करार दिया।
अदालत ने सरकार द्वारा संचालित पीड़ित मुआवजा योजना के तहत पीड़िता को एक लाख रुपये का मुआवजा देने के भी आदेश दिए। सरकार की ओर से इस मामले की पैरवी उप जिला न्यायवादी कमल चन्देल ने की।
