एआरबी टाइम्स ब्यूरो | धर्मशाला
हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के तहत धर्मशाला की एक विशेष अदालत ने वर्ष 2019 के एक चरस बरामदगी मामले में बड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश की अदालत ने आरोपी अमित कुमार को नशे की तस्करी का दोषी करार देते हुए दो वर्ष और एक माह के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 21 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना न चुकाने की स्थिति में दोषी को दो महीने का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह मामला जनवरी 2019 का है। पालमपुर पुलिस थाना की एक टीम सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (GSSS) सिद्धपुर के समीप रूटीन गश्त पर थी। इसी दौरान स्कूल के पास बने एक रेन शेल्टर (Rain Shelter) में बैठा युवक पुलिस टीम को देखकर अचानक भागने लगा। युवक की संदिग्ध हरकतों को देख पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाई और पीछा करके उसे कुछ ही दूरी पर दबोच लिया। पुलिस ने जब पकड़े गए युवक की तलाशी ली, तो उसके पास से नशा और उसे बेचने की पुख्ता सामग्री बरामद हुई।
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आरोपी अमित कुमार (निवासी ननाओ, तहसील पालमपुर) की जींस की जेब से एक रूमाल मिला, जिसमें 221 ग्राम चरस छिपाई गई थी इसके अलावा आरोपी के पास से मौके पर एक डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक कांटा (तराजू) भी बरामद हुआ, जिससे वह नशे को तौलकर सप्लाई करता था। पुलिस ने इसे तुरंत सील कर कब्जे में ले लिया था। पालमपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) अधिनियम की धारा 20 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी।
14 गवाहों की बदौलत साबित हुआ जुर्म
मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने आरोपी अमित कुमार के खिलाफ अदालत में कुल 14 गवाहों के बयान और ठोस दस्तावेजी साक्ष्य दर्ज कराए। विशेष अदालत ने सभी सबूतों, फॉरेंसिक रिपोर्ट और दोनों पक्षों की दलीलों पर गहन विचार करने के बाद अमित कुमार को दोषी पाया। अदालत ने अपने आदेश में यह भी स्पष्ट किया है कि जांच और कोर्ट ट्रायल के दौरान दोषी अमित कुमार पहले ही जितनी अवधि जेल में बिता चुका है, उसे उसकी कुल सजा (2 वर्ष 1 माह) में समायोजित किया जाएगा।
