एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
भारतीय मजदूर संघ के आह्वान पर बुधवार को देशभर में जिला एवं मंडल स्तर पर ज्ञापन कार्यक्रम आयोजित किए गए। इसी क्रम में रामपुर में भी विभिन्न विभागों के कर्मचारियों ने एकत्रित होकर उपमंडल अधिकारी रामपुर के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मनदाविया को ज्ञापन प्रेषित किया।
कार्यक्रम के दौरान हिमाचल परिवहन मजदूर संघ के प्रदेश महामंत्री हरीश कुमार पराशर ने बताया कि हाल ही में जगन्नाथ पुरी में आयोजित अखिल भारतीय अधिवेशन में श्रमिक हितों से जुड़े पाँच महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। इन प्रस्तावों में श्रम कानूनों का सार्वभौमिक लागूकरण, ठेका प्रथा में व्यापक सुधार, आंगनवाड़ी, आशा और मिड-डे मील कर्मियों को कर्मचारी का दर्जा देने, त्रिपक्षीय तंत्र को सशक्त बनाने तथा सरकारी विभागों में भर्तियों पर लगी रोक हटाने की मांग प्रमुख रूप से शामिल है।
उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश में भी कर्मचारियों की लंबित मांगों को लेकर राज्य सरकार को शीघ्र विस्तृत मांगपत्र भेजा जाएगा। इस मांगपत्र में संगठित एवं असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के लिए न्यूनतम वेतन और सामाजिक सुरक्षा की गारंटी, छठे वेतनमान के बकाया एरियर और लंबित महंगाई भत्ते (डीए) का भुगतान, पुरानी पेंशन योजना (ओपीएस) की बहाली, एचआरटीसी को सुदृढ़ करने के लिए 500 करोड़ रुपये का विशेष बजट या रोडवेज का दर्जा प्रदान करने की मांग शामिल होगी।
इसके अतिरिक्त वेतन एवं पेंशन का भुगतान ट्रेजरी के माध्यम से सुनिश्चित करने, वेतन विसंगतियों के समाधान तथा सार्वजनिक उपक्रमों में निजीकरण की प्रक्रियाओं पर रोक लगाने की मांग भी प्रमुख रूप से उठाई गई है। संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार कर्मचारियों और श्रमिकों की न्यायोचित मांगों पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय नहीं लेती है, तो संगठन लोकतांत्रिक तरीके से चरणबद्ध आंदोलन शुरू करेगा।
