एआरबी टाइम्स ब्यूरो | रामपुर बुशहर
राजकीय महाविद्यालय रामपुर बुशहर के भूगोल विभाग द्वारा ‘विश्व पृथ्वी दिवस’ के उपलक्ष्य में एक ज्ञानवर्धक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विभागाध्यक्ष डॉ. अनुराधा नेगी कनैन ने की। इसमें एम.ए. भूगोल के द्वितीय एवं चतुर्थ सेमेस्टर के विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों की रचनात्मकता और अभिव्यक्ति को प्रोत्साहित करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गईं। स्लोगन लेखन प्रतियोगिता में तनीषा और नैन्सी ने पर्यावरण संरक्षण का संदेश प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया। कविता पाठ में महेश ने पृथ्वी की महत्ता और मानवीय हस्तक्षेप के प्रभावों को भावनात्मक रूप से व्यक्त किया। भाषण प्रतियोगिता में साहिल, महेश, तमन्ना, नौशीन और शुभांगी ने प्रभावशाली विचार रखे और पृथ्वी से जुड़ी समस्याओं पर जागरूकता बढ़ाई।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण ‘डिस्कशन सेशन’ रहा, जिसमें विद्यार्थियों ने अपने-अपने ग्रामीण क्षेत्रों की पर्यावरणीय समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की। चतुर्थ सेमेस्टर के तमन्ना मेहता, हर्ष चौहान, तनीषा वर्मा, रचना कुमारी, महेश ठाकुर, कोमल ठाकुर और कृतिका ठाकुर तथा द्वितीय सेमेस्टर के शिवांश शर्मा, साहिल, शुभांगी, नौशीन, चाहत, प्रियंका, दीपक, रूम सिंह, अभिनव मेहता, मुस्कान और देविंदर ने प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन, जल संकट, भूस्खलन, दोषपूर्ण जल निकासी, अतिविषम जलवायु, बादल फटना और वनों के क्षरण जैसे मुद्दों के कारणों और उनके समाधान पर गहन मंथन किया।
इस अवसर पर विभागाध्यक्ष डॉ. अनुराधा नेगी कनैन ने विद्यार्थियों के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय स्तर पर समस्याओं की पहचान करना ही उनके वैज्ञानिक समाधान की दिशा में पहला कदम है। उन्होंने कहा कि एक भूगोलवेत्ता के रूप में स्थानीय पारिस्थितिकी को समझना आवश्यक है।
उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी इस प्रकार के व्यवहारिक अध्ययन को जारी रखने और समाज के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित किया।
