एआरबी टाइमम्स ब्यूरो | रामपुर बुशहर
हिमाचल प्रदेश दुग्ध उत्पादक संघ के बैनर तले क्षेत्र के सैकड़ों दुग्ध उत्पादकों ने वीरवार को दत्तनगर मिल्क प्लांट के बाहर प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने अपनी लंबित समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ रोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन भी प्रेषित किया।
प्रदर्शन में हिमाचल किसान सभा के राज्य महासचिव राकेश सिंहा सहित डॉ. ओंकार शाद, प्रेम चौहान, देवकी नंद, रणजीत ठाकुर, पूर्ण, तुला राम, सुभाष, गीता राम, बिहारी लाल, राम लाल, करतार, कृष्णा राणा, रीना, सानू, मान दासी, सरोजनी, लता, पुष्पा देवी और भीष्मा नेगी समेत कई अन्य उत्पादक मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि दुग्ध उत्पादकों की समस्याओं को लेकर सरकार को पहले भी कई बार अवगत कराया जा चुका है, लेकिन अब तक अधिकांश मुद्दों का समाधान नहीं हो पाया है। इसके कारण उत्पादकों को आर्थिक संकट और विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
मुख्यमंत्री को भेजे गए ज्ञापन में प्रमुख मांगों में दूध का भुगतान हर माह नियमित रूप से डीबीटी के माध्यम से सीधे उत्पादकों के खातों में करने की व्यवस्था शामिल है। इसके अलावा सभी दुग्ध सहकारी समितियों में दूध की गुणवत्ता जांच के लिए आधुनिक मशीनें उपलब्ध करवाने और पहले से स्थापित मशीनों को सुचारु रूप से चलाने की मांग उठाई गई। दुग्ध उत्पादकों ने पशु आहार को सब्सिडी दरों पर उपलब्ध करवाने, दत्तनगर मिल्क प्लांट व अन्य चिलिंग प्लांटों में खाली पदों को शीघ्र भरने तथा पशु औषधालयों में कृत्रिम गर्भाधान के लिए बेहतर सुविधाएं, उन्नत किस्म का वीर्य और आवश्यक दवाइयां उपलब्ध करवाने पर भी जोर दिया।
ज्ञापन में दूध परिवहन से जुड़े वाहनों का समय पर भुगतान सुनिश्चित करने, दत्तनगर क्षेत्र में चोकर संयंत्र स्थापित करने तथा दूध की बाल्टियों की सफाई की व्यवस्था मिल्क प्लांट और चिलिंग सेंटर स्तर पर करने की मांग भी शामिल की गई। इसके अतिरिक्त उत्पादकों ने मांग रखी कि दत्तनगर मिल्क प्लांट में ही दूध से बनने वाले सभी उत्पाद—घी, मक्खन, दही, लस्सी, पनीर, खोया, आइसक्रीम और मिठाइयों—का निर्माण किया जाए, ताकि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ सकें।
संघ ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
