एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
राजधानी शिमला में सफाई व्यवस्था को प्रभावित कर रही SEHB कर्मचारियों की हड़ताल के बीच नगर निगम शिमला ने बड़ा कदम उठाया है। ESMA (Essential Services Maintenance Act) लागू होने के बावजूद हड़ताल जारी रखने वाले 37 सैहब कर्मी बर्खास्त कर दिए गए हैं। बर्खास्त कर्मचारियों में यूनियन अध्यक्ष जसवंत सिंह, उपाध्यक्ष अमित भाटिया, मुख्य सलाहकार बालाराम और 34 वार्डों के सुपरवाइजर शामिल हैं। इसके अलावा SEHB सोसायटी के तहत आउटसोर्स आधार पर कार्यरत करीब 300 कर्मचारियों की नौकरी पर भी संकट मंडरा रहा है। नगर निगम ने ठेकेदार हड़ताल में शामिल आउटसोर्स कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार नगर निगम आयुक्त भूपेंद्र अत्री ने बुधवार शाम बर्खास्तगी से संबंधित फाइल पर हस्ताक्षर कर दिए। इसके बाद स्वास्थ्य शाखा की ओर से कर्मचारियों के लिए अलग-अलग बर्खास्तगी पत्र जारी किए गए। हालांकि कर्मचारियों ने आदेश स्वीकार करने से इनकार कर दिया और कोई भी कर्मचारी पत्र लेने नहीं पहुंचा। बता दें कि जिला दंडाधिकारी द्वारा ESMA लागू कर सफाई कर्मचारियों की हड़ताल को गैरकानूनी घोषित किया गया था और सभी कर्मचारियों को तुरंत काम पर लौटने के निर्देश दिए गए थे। नगर निगम ने भी कर्मचारियों को दो बार नोटिस जारी किए, लेकिन इसके बावजूद कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर हड़ताल पर डटे रहे।
शहर में बिगड़े हालात, आज पहुंचेगी केंद्रीय सफाई आयोग की टीम
पिछले छह दिनों से जारी हड़ताल के कारण शिमला शहर की सफाई व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई है। घरों से कूड़ा नहीं उठने के कारण कई इलाकों में सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर कूड़े के ढेर लग गए हैं, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।इस बीच केंद्रीय सफाई आयोग की टीम गुरुवार को शिमला पहुंचेगी। शाम चार बजे बचत भवन में अधिकारियों और सफाई कर्मचारियों के साथ बैठक प्रस्तावित है। SEHB कर्मचारी यूनियन ने आयोग के समक्ष अपनी मांगें और कर्मचारियों के साथ हो रहे व्यवहार का मुद्दा उठाने का फैसला किया है। उधर, यूनियन अध्यक्ष जसवंत सिंह का कहना है कि कर्मचारियों को प्रताड़ित किया जा रहा है और इसकी पूरी जानकारी आयोग के समक्ष रखी जाएगी।
