एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
हिमाचल प्रदेश में पंचायतीराज संस्थाओं के दूसरे चरण के चुनाव में रिकॉर्ड मतदान दर्ज किया गया। गुरुवार को प्रदेश की 1276 ग्राम पंचायतों में सुबह 7 बजे से दोपहर 3 बजे तक मतदान प्रक्रिया शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। राज्य निर्वाचन आयोग के अनुसार शाम 7 बजे तक करीब 80 फीसदी मतदान रिकॉर्ड किया गया, जबकि अंतिम आंकड़ों में बढ़ोतरी की संभावना जताई गई है। इस बार का मतदान वर्ष 2021 के मुकाबले अधिक रहा। पिछले पंचायतीराज चुनावों के दूसरे चरण में प्रदेश में लगभग 76 फीसदी मतदान हुआ था, जबकि इस बार मतदाताओं ने नया रिकॉर्ड बना दिया। इससे पहले पहले चरण में 78.83 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया था।

कुल्लू में सबसे ज्यादा मतदान, लाहौल-स्पीति सबसे पीछे
जिला कुल्लू में सबसे अधिक लगभग 86 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। वहीं सिरमौर में करीब 85 फीसदी और सोलन में 84 फीसदी मतदान हुआ। दूसरी ओर जनजातीय जिला लाहौल-स्पीति में सबसे कम करीब 69 फीसदी मतदान रिकॉर्ड किया गया।

पंचायतीराज चुनाव 2026 में महिलाओं की भागीदारी खास आकर्षण रही। राज्य के नौ जिलों में महिला मतदान प्रतिशत पुरुषों से अधिक दर्ज किया गया। जिला कुल्लू में महिला मतदाताओं की भागीदारी सबसे ज्यादा रही। इसे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती राजनीतिक जागरूकता और सशक्तीकरण का बड़ा संकेत माना जा रहा है। जिला सोलन के विकास खंड नालागढ़ की ग्राम पंचायत ढेला में सबसे अधिक करीब 96 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। मतदान केंद्रों पर सुबह से ही लंबी कतारें देखने को मिलीं। बुजुर्गों, महिलाओं और युवाओं ने बढ़-चढ़कर मतदान में हिस्सा लिया।
31 मई को होगी जिला परिषद और पंचायत समिति वार्डों की मतगणना
प्रधान, उपप्रधान और वार्ड सदस्य पदों की मतगणना देर रात तक जारी रही और कई स्थानों पर परिणाम घोषित किए गए। इसके अलावा 250 जिला परिषद वार्डों और 1684 पंचायत समिति वार्डों की मतगणना 31 मई 2026 को होगी। राज्य निर्वाचन आयोग उसी दिन परिणाम घोषित करेगा। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और सफल बताया है। आयोग के अनुसार पूरे प्रदेश में कहीं से भी किसी बड़ी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। प्रशासन और सुरक्षा बलों की निगरानी में मतदान प्रक्रिया सुचारु रूप से संपन्न हुई।
