एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
पोस्ट-मैट्रिक छात्रवृत्ति योजना से लाभान्वित अनुसूचित जनजातीय क्षेत्र के 21 विद्यार्थियों ने आज मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू से भेंट कर अपने शैक्षणिक अनुभव साझा किए। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार डॉ. वाई.एस. परमार विद्यार्थी ऋण योजना के तहत विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा और व्यावसायिक पाठ्यक्रमों के लिए 20 लाख रुपये तक का ऋण मात्र एक प्रतिशत ब्याज दर पर उपलब्ध करवा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से इस योजना का लाभ उठाकर अपने जीवन के लक्ष्य हासिल करने का आह्वान किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा क्षेत्र में लगातार सुधार कर रही है ताकि विद्यार्थियों को घर के निकट गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिल सके। उन्होंने बताया कि राज्य के 156 से अधिक स्कूलों में सीबीएसई पाठ्यक्रम शुरू किया गया है, जहां कला, विज्ञान और वाणिज्य संकायों में शिक्षा प्रदान की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयासों से शिक्षा क्षेत्र में व्यापक बदलाव देखने को मिला है और हाल ही में हुए राष्ट्रीय सर्वेक्षण में हिमाचल प्रदेश गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के मामले में 13वें स्थान से बढ़कर 6वें स्थान पर पहुंच गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बेटियों की विवाह योग्य आयु को भी लड़कों के समान 18 वर्ष से बढ़ाकर 21 वर्ष कर दिया है। उन्होंने बताया कि अनुसूचित जनजाति समुदाय की शिक्षा में भूमिका को रेखांकित करने के लिए 10 मई से 9 जून 2026 तक अनुसूचित जनजाति गरिमा उत्सव मनाया जा रहा है।
इस अवसर पर शिक्षा सचिव राकेश कंवर, उच्च शिक्षा निदेशक हरीश कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित रहे।

वहीं, एशियन कुराश कप (सीनियर वर्ग) में कांस्य पदक जीतने वाले सौरव सुमन ने भी मुख्यमंत्री से मुलाकात की। यह प्रतियोगिता 22 से 25 मई 2026 तक उज्बेकिस्तान के नुकुस में आयोजित हुई थी। सौरव सुमन जल शक्ति विभाग में कनिष्ठ अभियंता के पद पर कार्यरत हैं और वर्तमान में शिमला जिले के मतियाना में सेवाएं दे रहे हैं। मुख्यमंत्री ने उनकी उपलब्धि पर बधाई देते हुए कहा कि उनकी सफलता प्रदेश के युवाओं को खेलों और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए प्रेरित करेगी।
