एआरबी टाइम्स ब्यूराे | मंडी
मंडी जिला में एक वर्ष से अधिक समय से लंबित तकसीम मामलों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाने के निर्देश दिए गए हैं। उपायुक्त अपूर्व देवगन ने मंगलवार को डीआरडीए समिति हॉल में आयोजित जिला स्तरीय राजस्व अधिकारियों की बैठक की अध्यक्षता करते हुए यह निर्देश जारी किए। बैठक में 16 मार्च से 15 जून 2026 तक निशानदेही, दुरुस्ती, तकसीम और अन्य राजस्व कार्यों की बिंदुवार समीक्षा की गई।
उपायुक्त ने कहा कि प्रदेश सरकार राजस्व मामलों के समयबद्ध और त्वरित निपटारे को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है। उन्होंने सभी राजस्व अधिकारियों को मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप कार्य करते हुए लंबित मामलों का शीघ्र निपटारा सुनिश्चित करने को कहा।उन्होंने बताया कि गत तिमाही के दौरान जिले की तहसीलों और उप-तहसीलों में तकसीम के 554, निशानदेही के 930 तथा राजस्व दुरुस्ती के 595 मामलों का निपटारा किया गया। इसके अलावा 6,353 राजस्व इंतकाल भी दर्ज किए गए।
उपायुक्त ने स्वामित्व मैप से जुड़े लंबित कार्यों को 15 दिन के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने एक वर्ष से अधिक समय से लंबित तकसीम, निशानदेही और दुरुस्ती सहित सभी राजस्व मामलों को निर्धारित समय सीमा में निपटाने पर बल दिया, ताकि आम लोगों को राजस्व सेवाएं सुगमता से उपलब्ध हो सकें।
बैठक में मुख्यमंत्री सेवा संकल्प, नकल जमाबंदी, स्वामित्व योजना से संबंधित शिकायतों तथा अन्य सामान्य शिकायतों की भी समीक्षा की गई। संबंधित अधिकारियों को राजस्व सेवाओं को और अधिक प्रभावी तथा जनहितकारी बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त गुरसिमर सिंह, अतिरिक्त जिला दंडाधिकारी डॉ. मदन कुमार, जिला राजस्व अधिकारी हरीश शर्मा सहित सभी उपमंडलाधिकारी (ना.), तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार उपस्थित रहे।
