एआरबी टाइम्स ब्यूरो | रामपुर बुशहर
शिक्षकों को आधुनिक तकनीक एवं डिजिटल शिक्षा के प्रति जागरूक बनाने के उद्देश्य से स्प्रिंग डेल स्कूल, खनेरी रामपुर में “कम्प्यूटेशनल थिंकिंग एवं एआई रेडिनेस” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का संचालन आर वर्कशॉप फाउंडेशन के सहयोग से किया गया, जबकि इसके मुख्य संसाधन व्यक्ति (रिसोर्स पर्सन) रचित लांबा रहे।
कार्यक्रम का शुभारंभ विद्यालय के प्रधानाचार्य मनीष आनंद, उपप्रधानाचार्य आशा सोफ्टा, मीनाक्षी कौल तथा मुख्य समन्वयक चिंतामणि देष्टा की गरिमामयी उपस्थिति में हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के समस्त अध्यापकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने कम्प्यूटेशनल थिंकिंग की मूल अवधारणाओं, तार्किक समस्या-समाधान, एल्गोरिद्मिक सोच तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के विभिन्न आयामों पर विस्तार से जानकारी दी। प्रतिभागियों को व्यावहारिक गतिविधियों और उदाहरणों के माध्यम से यह समझाया गया कि भविष्य की शिक्षा, रोजगार और नवाचार के क्षेत्र में एआई एवं डिजिटल कौशल की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है।
प्रधानाचार्य ने अपने संबोधन में कहा कि बदलते समय के साथ विद्यार्थियों और शिक्षकों के लिए नई तकनीकों को समझना और अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की कार्यशालाएं गुणवत्तापूर्ण एवं भविष्य उन्मुख शिक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम हैं।
उपप्रधानाचार्य आशा सोफ्टा ने कहा कि ऐसी पहल विद्यार्थियों में रचनात्मक सोच, नवाचार और समस्या-समाधान की क्षमता विकसित करने में सहायक सिद्ध होती हैं। वहीं मीनाक्षी कौल और मुख्य समन्वयक चिंतामणि देष्टा ने कार्यशाला के सफल आयोजन पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए भविष्य में भी इस प्रकार के शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही। कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों ने कार्यशाला को ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक और वर्तमान समय की आवश्यकता के अनुरूप बताया। विद्यालय प्रबंधन ने आर वर्कशॉप फाउंडेशन का आभार व्यक्त करते हुए उनके सहयोग और योगदान की सराहना की।
विशेष उल्लेखनीय है कि यह हिमाचल प्रदेश की पहली ऐसी कार्यशाला रही, जिसमें संशोधित “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं कम्प्यूटेशनल थिंकिंग” पाठ्यक्रम को शामिल करते हुए शिक्षकों को नवीनतम शैक्षणिक एवं तकनीकी परिवर्तनों से अवगत कराया गया।
