एआरबी टाइम्स ब्यूरो | रामपुर बुशहर
राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय रामपुर में छात्र हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को लेकर मंगलवार को एसएफआई रामपुर इकाई ने प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा। संगठन ने महाविद्यालय में प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाने, पीटीए फीस समाप्त करने, बंद किए गए दर्शनशास्त्र, मनोविज्ञान एवं कंप्यूटर अनुप्रयोग विषयों में प्रवेश प्रक्रिया पुनः शुरू करने तथा रिक्त पड़े प्राध्यापकों के पदों को शीघ्र भरने की मांग उठाई।
एसएफआई प्रतिनिधिमंडल ने छात्रों की समस्याओं को विस्तार से महाविद्यालय प्रशासन के समक्ष रखा। इस दौरान प्रशासन ने प्रवेश की अंतिम तिथि बढ़ाकर 30 जून तक करने की जानकारी दी। इससे उन विद्यार्थियों को राहत मिलेगी जो किसी कारणवश अब तक प्रवेश नहीं ले पाए थे। प्रशासन ने संगठन की अन्य मांगों पर भी सकारात्मक विचार करते हुए उन्हें शीघ्र पूरा करने का आश्वासन दिया।
एसएफआई रामपुर इकाई के सचिव राहुल विद्यार्थी ने कहा कि महाविद्यालय में बड़ी संख्या में छात्र विभिन्न समस्याओं का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रवेश तिथि बढ़ाने की मांग पूरी तरह छात्र हित में थी और प्रशासन द्वारा इसे स्वीकार किया जाना स्वागतयोग्य कदम है। उन्होंने पीटीए फीस को समाप्त करने की मांग दोहराते हुए कहा कि शिक्षा की जिम्मेदारी सरकार और शिक्षा विभाग की है तथा छात्रों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डालना उचित नहीं है।
एसएफआई नेता मीना राम ने कहा कि प्रशासन ने संगठन की मांगों पर सकारात्मक रुख दिखाया है, लेकिन एसएफआई इन मांगों के क्रियान्वयन पर लगातार नजर रखेगी। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्र हितों से जुड़े मुद्दों का समयबद्ध समाधान नहीं किया गया तो संगठन छात्रों को संगठित कर आंदोलन को आगे बढ़ाएगा।
एसएफआई रामपुर इकाई ने सभी विद्यार्थियों से अपील की है कि जिन छात्रों ने अभी तक महाविद्यालय में प्रवेश नहीं लिया है, वे 30 जून तक बढ़ाई गई अंतिम तिथि का लाभ उठाते हुए अपना दाखिला सुनिश्चित करें।
