एआरबी टाइम्स ब्यूरो, चंबा / रामपुर बुशहर/शिमला | हिमाचल प्रदेश में मानसून की भारी बारिश तबाही का सबब बन रही है। चंबा जिले के भरमौर में सोमवार दोपहर दो बजे ढकोग–बन्नी सड़क पर एक चलती कार पर पहाड़ी से पत्थर गिर गया। इस हादसे में धर्मशाला के नड्डी क्षेत्र की रहने वाली 14 वर्षीय लड़की की मौके पर ही मौत हो गई। कार सवार पांच लोग भरमौर के प्रसिद्ध बन्नी माता मंदिर से दर्शन कर लौट रहे थे। चंबा में दो दिनों के भीतर यह दूसरा बड़ा हादसा है( इससे पहले रविवार को भी चंबा-भरमौर नेशनल हाईवे पर बस पर चट्टान गिरने से एक युवक की जान चली गई थी।
उधर, शिमला जिले के रामपुर उपमंडल की ग्राम पंचायत नरैण में रविवार रात बादल फटने से भारी तबाही हुई है। ब्रांदली खड्ड में बादल फटने के बाद आई बाढ़ ने स्थानीय खेल मैदान और श्मशान घाट को पूरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। वहीं, कुरनू खड्ड पर पेलन गांव को जोड़ने वाला पैदल पुल भी बाढ़ की चपेट में आ गया, जिससे ग्रामीणों की आवाजाही पर संकट खड़ा हो गया है। ग्राम पंचायत नरैन की प्रधान अनु पौंड ने बताया कि बाढ़ के कारण कई किसानों के खेतों को भी नुकसान पहुंचा है।
शिमला में रिज मैदान का डंगा धंसा

भारी बारिश के चलते शिमला शहर के ऐतिहासिक रिज मैदान पर स्थित रेलिंग (डंगे) का एक हिस्सा अचानक धंस कर बाहर की ओर निकल आया। सुरक्षा के मद्देनजर प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्र को घेरकर आम जनता की आवाजाही को पूरी तरह रोक दिया है। वहीं, कुल्लू जिले में भी लगातार हो रही तेज बारिश के कारण ‘पार्वती-3’ पावर स्टेशन बांध का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। इसे देखते हुए सोमवार सुबह 11:30 बजे बांध से 50 क्यूसेक पानी सैंज नदी में छोड़ा गया। पानी छोड़े जाने से नदी का जलस्तर काफी बढ़ गया है, जिसे देखते हुए प्रशासन ने लोगों को नदी-नालों के आसपास न जाने की सख्त हिदायत दी है।
आगे कैसा रहेगा मौसम: तीन जिलों में ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग के अनुसार, हिमाचल प्रदेश में 7 जुलाई को भी बारिश का दौर जारी रहेगा। कांगड़ा, सोलन और सिरमौर जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है, जहाँ भारी से अत्यंत भारी बारिश की आशंका है। इसके अलावा चंबा, कुल्लू, मंडी और शिमला जिलों में येलो अलर्ट रहेगा। पूर्वानुमान के मुताबिक, 8 से 11 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की चेतावनी है। वहीं किन्नौर और लाहौल-स्पीति जैसे ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बारिश के साथ बर्फबारी की भी संभावना है। प्रशासन ने लोगों से भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों और नदी-नालों के किनारे न जाने की अपील की है।
