एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला/नाहन। हिमाचल प्रदेश में मानसून के पूरी तरह सक्रिय होने से जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) शिमला ने 15 जुलाई तक प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम के इस रुख को देखते हुए सिरमौर और सोलन जिला प्रशासन ने शुक्रवार (10 जुलाई) को सभी सरकारी व निजी स्कूलों, उच्च शिक्षण संस्थानों और आंगनबाड़ी केंद्रों में एहतियातन छुट्टी घोषित कर दी है।
सोलन में ऑरेंज अलर्ट, सिरमौर में स्टाफ को भी छुट्टी
सिरमौर के जिला प्रशासन ने आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत विद्यार्थियों के साथ-साथ शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों को भी संस्थान आने से छूट दी है। वहीं, सोलन के जिला दंडाधिकारी मनमोहन शर्मा ने जिले में जारी ‘ऑरेंज अलर्ट’ के बाद यह कदम उठाया है, हालांकि सोलन में आवासीय कॉलेजों, विश्वविद्यालयों और मेडिकल संस्थानों को इस बंद से बाहर रखा गया है।
नाहन में भूस्खलन: मलबे में ब्लॉक हुए दरवाजे, 8 परिवार कैद
भारी बारिश के बीच जिला मुख्यालय नाहन के बड़ा चौक स्थित जोशियों वाली गली में शुक्रवार सुबह एक जर्जर डंगा भरभराकर ढह गया। इस भूस्खलन के कारण भारी मात्रा में मलबा और चट्टानें गली में आ गिरीं, जिससे 8 परिवारों के करीब 40 लोग अपने ही घरों में कैद हो गए हैं। मलबे के दबाव से कई मकानों के दरवाजे-खिड़कियां जाम हो गए हैं और मकानों की नींव पर खतरा मंडरा रहा है। बिजली का पोल और पेयजल लाइन भी क्षतिग्रस्त हो गई है। आरोप है कि जर्जर डंगे के ऊपर निर्माण कार्य से यह हादसा हुआ।
लाहौल-स्पीति और किन्नौर में फ्लैश फ्लड का खतरा
बीते 24 घंटों में चंबा के जोत में सबसे अधिक 5 सेमी बारिश दर्ज की गई है। कुकुमसेरी 10.6 डिग्री सेल्सियस के साथ सबसे ठंडा और भुंतर 33.3 डिग्री के साथ सबसे गर्म स्थान रहा। मौसम विभाग ने किन्नौर और लाहौल-स्पीति में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और अचानक बाढ़ (Flash Flood) आने की चेतावनी जारी करते हुए लोगों से नदी-नालों से दूर रहने की अपील की है।
