एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला | हिमाचल प्रदेश और पंजाब में क्रिप्टोकरेंसी के नाम पर लाखों निवेशकों की गाढ़ी कमाई हड़पने वाले अरबों रुपये के महाघोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अपना शिकंजा और कस दिया है। ईडी की शिमला इकाई ने धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मिलन गर्ग (मेरठ), सुखदेव ठाकुर (मंडी) और अभिषेक शर्मा (ऊना) के रूप में हुई है। ये तीनों आरोपी पहले से ही न्यायिक हिरासत में चल रहे थे, जिन्हें अब विशेष पीएमएलए अदालत शिमला ने 12 दिनों के लिए ईडी की हिरासत में भेज दिया है।
‘Korvio Coin’: पोंजी स्कीम से बनाया 2.48 लाख लोगों को शिकार
ईडी की गहन जांच में इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क को लेकर कई सनसनीखेज खुलासे हुए हैं। जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने साल 2018 में इस महाघोटाले के मुख्य सूत्रधार सुभाष शर्मा और हेम राज के साथ मिलकर ‘कॉर्वियो कॉइन’ (Korvio Coin) नाम की एक फर्जी डिजिटल करेंसी बाजार में उतारी थी।
कैसे जाल में फंसते थे लोग?
निवेशकों को बेहद कम समय में भारी-भरकम और फिक्स रिटर्न (ऊंचे मुनाफे) का लालच देकर मल्टी-लेवल मार्केटिंग (MLM) योजना से जोड़ा जाता था। यह पूरी तरह से एक पोंजी स्कीम थी, जिसमें नए निवेशकों से मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल पुराने निवेशकों को कथित लाभ (Payout) बांटने के लिए किया जाता था।
जांच एजेंसी के मुताबिक, इस जाल में 2.48 लाख से अधिक लोग फंसे और नेटवर्क के जरिए करीब 219 मिलियन अमेरिकी डॉलर (भारतीय मुद्रा में ₹500 करोड़ से अधिक) का अवैध वित्तीय लेनदेन किया गया।
जनता की काली कमाई से खरीदीं व्यावसायिक संपत्तियां
ईडी के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी सुखदेव ठाकुर और अभिषेक शर्मा इस गिरोह के प्रमुख ‘प्रमोटर’ थे। ये दोनों भोले-भले लोगों को जाल में फंसाने के लिए बड़े पैमाने पर प्रचार कार्यक्रम, सेमिनार और सभाएं आयोजित करते थे। ठगी के माध्यम से जुटाए गए करोड़ों रुपये को मुख्य आरोपी के इशारे पर रियल एस्टेट सेक्टर में ठिकाने लगाया जाता था।
क्रिप्टो महाघोटाला
कुल घोटाला: ₹500 करोड़ से अधिक (219 मिलियन अमेरिकी डॉलर)।
फर्जी करेंसी का नाम: कॉर्वियो कॉइन (Korvio Coin) – शुरुआत साल 2018.
प्रभावित निवेशक: 2.48 लाख से ज्यादा लोग ठगी का शिकार।
ताजा गिरफ्तारियां: मिलन गर्ग (मेरठ), सुखदेव ठाकुर (मंडी) और अभिषेक शर्मा (ऊना)।
कोर्ट का आदेश: विशेष PMLA कोर्ट द्वारा आरोपियों को 12 दिन की ED रिमांड।
पुलिस की कार्रवाई: मामले में हिमाचल पुलिस अब तक 76 आरोपियों को कर चुकी है गिरफ्तार।
