एआरबी टाइम्स ब्यूरो, दिल्ली
लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने शुक्रवार को नई दिल्ली में केंद्रीय ऊर्जा, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्री मनोहर लाल खट्टर से शिष्टाचार भेंट कर हिमाचल प्रदेश की विभिन्न शहरी विकास परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा की।
बैठक के दौरान विक्रमादित्य सिंह ने राज्य के शहरों पर बढ़ते दबाव को कम करने के लिए नए शहर विकसित करने हेतु केंद्र से वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग और नियोजन संबंधी रूपरेखा उपलब्ध कराने का आग्रह किया। उन्होंने चंडीगढ़ की तर्ज पर हिमाचल प्रदेश के चंडीगढ़ और पंचकूला से सटे क्षेत्र में प्रस्तावित नए शहर के लिए साझा आधारभूत ढांचे के विकास की आवश्यकता भी प्रमुखता से उठाई। केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने इस प्रस्ताव पर राज्य सरकार से विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) प्रस्तुत करने को कहा और आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार इस विषय पर सकारात्मक दृष्टिकोण से विचार करेगी।
बैठक में विक्रमादित्य सिंह ने बताया कि अर्बन चैलेंज फंड के तहत राज्य की 1,200 करोड़ रुपये की परियोजनाएं वित्तीय स्वीकृति के लिए भेजी गई हैं। उन्होंने इन परियोजनाओं को शीघ्र मंजूरी देने के साथ-साथ अमृत योजना के अंतर्गत लंबित 64.45 करोड़ रुपये की राशि जल्द जारी करने का भी आग्रह किया, ताकि विभिन्न शहरी विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा न आए।
उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन 2.0 के यूज्ड वाटर मैनेजमेंट कंपोनेंट का मुद्दा भी उठाते हुए कहा कि राज्य के 76 शहरी स्थानीय निकायों में से केवल 31 को ही इसमें शामिल किया गया है। उन्होंने शेष शहरी निकायों की परियोजनाओं को भी स्वीकृति देकर आवश्यक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। इसके अलावा, मंत्री ने नगर परिषद नादौन, मनाली, डलहौजी और रामपुर में प्रस्तावित स्ट्रीट फूड हब की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) पर शीघ्र कार्रवाई करने का आग्रह किया।
बैठक के अंत में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हिमाचल प्रदेश को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया। उन्होंने विक्रमादित्य सिंह का शिमला और धर्मशाला आने का निमंत्रण भी स्वीकार किया और निकट भविष्य में दोनों शहरों का दौरा करने का आश्वासन दिया।
