एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करना और लोगों को राज्य के भीतर ही बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। शुक्रवार को स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए उन्होंने चिकित्सा महाविद्यालयों में शोध गतिविधियों को बढ़ावा देने और आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाओं के विस्तार के निर्देश दिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले चरण में आईजीएमसी शिमला में एक समर्पित शोध विभाग स्थापित किया जाएगा, जिसे बाद में प्रदेश के अन्य चिकित्सा महाविद्यालयों में भी लागू किया जाएगा। उनका कहना था कि शोध को बढ़ावा मिलने से मरीजों को बेहतर और आधुनिक उपचार उपलब्ध होगा। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों में डायग्नोस्टिक सेवाओं को और सुदृढ़ करने के निर्देश देते हुए कहा कि मरीजों को एमआरआई, सीटी स्कैन, एक्स-रे जैसी जांच सुविधाएं बिना किसी अनावश्यक प्रतीक्षा के उपलब्ध करवाई जाएं, ताकि समय पर उपचार सुनिश्चित हो सके।
मुख्यमंत्री ने अस्पतालों में रक्त जांच की आधुनिक सुविधाओं पर भी जोर दिया। उन्होंने बताया कि अटल इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल सुपर स्पेशियलिटीज (चमियाना), आईजीएमसी शिमला और डॉ. राजेंद्र प्रसाद मेडिकल कॉलेज टांडा में स्वचालित प्रयोगशालाएं स्थापित करने के लिए 75 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इन अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं में एक ही रक्त नमूने से कई प्रकार की जांचें की जा सकेंगी। आवश्यक मशीनों की खरीद के लिए निविदाएं भी जारी कर दी गई हैं।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत करने के लिए धन की कोई कमी नहीं है और सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी। साथ ही बेहतर गुणवत्ता और पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए दवाइयों की खरीद सीधे दवा निर्माण कंपनियों से करने की संभावना पर भी विचार किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सकों, चिकित्सा शिक्षकों और पैरामेडिकल कर्मचारियों के लिए बेहतर कार्य परिस्थितियां उपलब्ध कराने के प्रयास भी किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि चिकित्सा महाविद्यालयों के शिक्षकों और चिकित्सकों से प्राप्त सुझावों के आधार पर स्वास्थ्य क्षेत्र में व्यापक सुधार लागू किए जा रहे हैं। उन्होंने जल्द ही विभिन्न चिकित्सा महाविद्यालयों का दौरा कर चिकित्सकों और शिक्षकों से सीधे संवाद करने की भी बात कही।
बैठक में विधायक कुलदीप राठौर और हरीश जनारथा, स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।
