एआरबी टाइम्स ब्यूरो | सोलन
केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की जुलाई महीने की रिपोर्ट (Drug Alert) में बड़ा खुलासा हुआ है। देशभर में कुल 239 दवाओं के सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे (Not of Standard Quality ) हैं, जिनमें से अकेले हिमाचल प्रदेश में निर्मित 83 दवाएं शामिल हैं। यानी देश भर में फेल हुए कुल सैंपलों में से लगभग एक-तिहाई दवाएं हिमाचल के दवा उद्योगों में बनी हैं। हिमाचल में फेल हुए 83 सैंपलों में से करीब 50 दवाएं बद्दी-बरोटीवाला-नालागढ़ (BBN) इंडस्ट्रियल एरिया में बनी हैं। इससे एशिया के सबसे बड़े फार्मा हब बीबीएन में निर्मित दवाओं की गुणवत्ता और सुरक्षा जांच पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
किन-किन बीमारियों की दवाएं हुईं फेल?
एंटीबायोटिक (Antibiotics): बैक्टीरियल इंफेक्शन के इलाज में प्रयुक्त एमोक्सिसिलिन (Amoxicillin), एमोक्सिसिलिन-पोटेशियम क्लैवुलनेट, सेफिक्सिम, सेफपोडोक्सिम, ऑफ्लॉक्सासिन और एजिथ्रोमाइसिन के कई बैच फेल पाए गए हैं।
हार्ट, बीपी और डायबिटीज: ब्लड क्लॉट और कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली क्लोपिडोग्रेल-एस्पिरिन, एटोरवास्टेटिन और कार्वेडिलोल जैसी हार्ट मेडिसिन के अलावा शुगर की ग्लिक्लाजाइड (Gliclazide) के सैंपल भी मानकों पर विफल रहे।
विटामिन, कैल्शियम और एनीमिया: खून की कमी दूर करने वाली फेरस एस्कॉर्बेट व फोलिक एसिड गोलियों के अलावा कैल्शियम-विटामिन D3, मिथाइलकोबालामिन और जिंक कॉम्बिनेशन की दवाएं एनएसक्यू (NSQ) पाई गईं।
इंजेक्शन और क्रीम-जेल: त्वचा रोगों की बेटामेथासोन वैलेरेट ऑइंटमेंट और क्लोरहेक्सिडिन क्रीम में एक्टिव ड्रग की मात्रा मानक से काफी कम पाई गई। वहीं, कंपाउंड सोडियम लैक्टेट इंजेक्शन के दो बैच स्टेरिलिटी (Sterility) टेस्ट में फेल हुए।
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इन औद्योगिक क्षेत्रों में बनी थीं दवाएं
हिमाचल प्रदेश के जिन प्रमुख फार्मा क्लस्टरों से ये सैंपल लिए गए थे, उनमें बद्दी, बरोटीवाला, नालागढ़, पांवटा साहिब, कालाअंब, मोगीनंद, मैहतपुर, बाथू-हरोली, नूरपुर, संसारपुर टैरेस, कुमारहट्टी और सुबाथू शामिल हैं।
बाजार से वापस मंगाए जाएंगे फेल बैच
स्टेट ड्रग कंट्रोलर (State Drug Controller) डॉ. मनीष कपूर के अनुसार, सीडीएसएससीओ की रिपोर्ट के आधार पर प्रभावित कंपनियों के खिलाफ कड़ी अनुशासनात्मक और कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। संबंधित दवा कंपनियों को नोटिस जारी कर गुणवत्ता जांच में फेल पाए गए बैचों के पूरे स्टॉक को बाजार से तुरंत वापस (Recall) मंगाने के निर्देश दिए गए हैं।
