एआरबी टाइम्स ब्यूरो, सोलन | हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में औषधि नियंत्रण विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने बिना वैध लाइसेंस दवाओं के भंडारण के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। टीम ने एक गोदाम में छापेमारी कर 26.40 लाख फेरोक्योर टैबलेट बरामद कर जब्त की हैं। बरामद दवा में फेरस सल्फेट और फोलिक एसिड शामिल हैं, जिसका इस्तेमाल मुख्य रूप से शरीर में आयरन की कमी और एनीमिया के उपचार में किया जाता है। औषधि नियंत्रण विभाग ने टैबलेट कब्जे में ले ली है। विभाग ने मामले में औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।
देर रात गोदाम में पहुंची संयुक्त टीम
जानकारी के मुताबिक, मंगलवार रात ड्रग इंस्पेक्टर हरीश रनौत के नेतृत्व में औषधि नियंत्रण विभाग की टीम ने पुलिस के साथ बिलांवाली स्थित खसरा नंबर 280 में बने गोदाम पर दबिश दी। तलाशी के दौरान टीम को वहां बड़ी मात्रा में फेरोक्योर टैबलेट का स्टॉक मिला। अधिकारियों ने जब दवाओं के भंडारण से जुड़े दस्तावेज और लाइसेंस मांगे तो संचालक की ओर से वैध अनुमति प्रस्तुत नहीं की जा सकी। इसके बाद नियमानुसार दवाओं को जब्त कर लिया गया। विभाग अब बरामद दवाओं के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता और अन्य मानकों की जांच भी कराएगा। बिना वैध लाइसेंस दवाओं का निर्माण या भंडारण औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन माना जाता है।
फूड लाइसेंस की आड़ में दवा कारोबार का संदेह
प्रारंभिक जांच में यह गोदाम एएस केमिकल के संचालक अंकित कौशल से जुड़ा बताया जा रहा है, जो उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले का निवासी है। विभाग का आरोप है कि फूड लाइसेंस की आड़ में बिना वैध ड्रग लाइसेंस के दवाओं का निर्माण और भंडारण किया जा रहा था। अंकित से जुड़े ठिकानों पर इससे पहले भी कार्रवाई हो चुकी है। 8 मई को बद्दी के सालासर कैंपस में दबिश के दौरान करीब 2.26 लाख नशीली दवाएं बरामद की गई थीं। 26 अगस्त को उसके एक अन्य गोदाम से करीब 22 लाख नशीली दवाएं पकड़ी गई थीं।
एसपी बद्दी विनोद धीमान ने कहा कि आयरन टैबलेट की बरामदगी के मामले में अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस पूरे मामले के सभी पहलुओं को खंगाल रही है और नशे के कारोबार से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
