एआरबी टाइम्स ब्यूरो, मंडी | हिमाचल प्रदेश में स्वाइन फ्लू (H1N1) का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है। मंडी जिले के सुंदरनगर क्षेत्र के डडयाल गांव निवासी 70 वर्षीय कैंसर पीड़ित बुजुर्ग महेन्द्र की चंडीगढ़ के एक निजी अस्पताल में उपचार के दौरान स्वाइन फ्लू से मौत हो गई। वह कीमोथेरेपी करवाने के लिए चंडीगढ़ गए थे, जहां वह इस संक्रमण की चपेट में आ गए।
पारिवारिक सदस्यों की ओर से पार्थिव शरीर गांव लाने और अंतिम संस्कार के बाद शनिवार को स्वास्थ्य विभाग को इसकी आधिकारिक सूचना मिली। इसके तुरंत बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डडयाल गांव पहुंचकर परिजनों को मास्क बांटे और संक्रमण से बचाव एवं स्वच्छता संबंधी आवश्यक सावधानियां बरतने के निर्देश दिए।
इस बीच मंडी जिले में स्वाइन फ्लू के दो नए मामले सामने आए हैं। पहला मरीज सुंदरनगर का निवासी है और उसे घर पर ही आइसोलेट (Home Isolation) किया गया है। दूसरा मरीज सरकाघाट का रहने वाला है, जिसका चंडीगढ़ में इलाज जारी है। नए मामले सामने आने के बाद मंडी जिला स्वास्थ्य प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है और मरीजों की निरंतर निगरानी की जा रही है। इसी के साथ ही हिमाचल प्रदेश में स्वाइन फ्लू से संक्रमित कुल मरीजों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है।
स्वाइन फ्लू के लक्षण
स्वाइन फ्लू (इन्फ्लूएंजा) में आमतौर पर ये लक्षण दिखाई दे सकते हैं:
- तेज बुखार या ठंड लगना
- खांसी और गले में खराश
- नाक बहना या बंद होना
- सिरदर्द और शरीर में दर्द
- बहुत ज्यादा थकान
- कुछ लोगों में उल्टी या दस्त, खासकर बच्चों में
बचाव कैसे करें
- हाथों को साबुन से बार-बार अच्छी तरह धोएं।
- खांसते या छींकते समय मुंह और नाक ढकें।
- बीमार व्यक्ति के बहुत करीब जाने से बचें।
- भीड़भाड़ वाली जगहों में सावधानी बरतें।
- बीमार होने पर घर पर रहें और दूसरों से दूरी रखें।
- डॉक्टर की सलाह से फ्लू वैक्सीन लगवाना संक्रमण से बचाव में मदद कर सकता है।
- बिना डॉक्टर की सलाह के एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवा न लें।
- सांस लेने में तकलीफ, सीने में दर्द, लगातार तेज बुखार, भ्रम/बेहोशी या हालत तेजी से बिगड़ने पर तुरंत चिकित्सा सहायता लें।
