एआरबी टाइम्स ब्यूरो, धर्मशाला | हिमाचल प्रदेश सरकार गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए ‘अपना परिवार सुखी परिवार योजना’ शुरू करने जा रही है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने घोषणा की कि योजना का औपचारिक शुभारंभ 2 अक्टूबर 2026 को सोलन जिले से किया जाएगा। योजना के तहत प्रदेश के करीब दो लाख परिवारों को लाभ देने का लक्ष्य रखा गया है।
मुख्यमंत्री ने कांगड़ा जिले के जसवां-प्रागपुर विधानसभा क्षेत्र के डाडासीबा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान यह घोषणा की। योजना के माध्यम से सरकार की 300 यूनिट मुफ्त बिजली और महिलाओं को 1,500 रुपये मासिक पेंशन देने से जुड़ी गारंटियों को एक साथ लागू किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे करीब 90 हजार परिवारों की पहचान की गई है, जिन्हें अभी तक किसी सरकारी कल्याणकारी योजना का लाभ नहीं मिला है। सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करना है।
1,012 मछुआरा परिवारों को 3,500 रुपये की सहायता
मुख्यमंत्री ने डाडासीबा में मुख्यमंत्री मत्स्य सम्मान निधि योजना के तहत 1,012 मछुआरा परिवारों को वित्तीय सहायता जारी की। प्रत्येक परिवार के बैंक खाते में डीबीटी के माध्यम से 3,500 रुपये की राशि हस्तांतरित की गई। सुक्खू ने कहा कि मछली पकड़ने पर लगाए जाने वाले वार्षिक प्रतिबंध की अवधि में मछुआरा परिवारों को यह सहायता दी जा रही है। उन्होंने कहा कि मछुआरा समुदाय की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के उद्देश्य से यह योजना शुरू की गई है। सरकार ने मछली के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य भी निर्धारित किया है।
डाडासीबा में नया एसडीएम कार्यालय खुलेगा
मुख्यमंत्री ने जसवां-प्रागपुर क्षेत्र में नया एसडीएम कार्यालय खोलने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इससे संबंधित अधिसूचना जल्द जारी की जाएगी। इसके अलावा कस्बा कोटला स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को 24 घंटे संचालित करने के लिए आवश्यक प्रावधान करने की भी घोषणा की। इससे पहले मुख्यमंत्री ने बाड़ी में 95 लाख रुपये की लागत से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र भवन का लोकार्पण किया। उन्होंने डाडासीबा के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में 1.80 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले विज्ञान खंड की आधारशिला भी रखी। क्षेत्र में 4.85 करोड़ रुपये के विभिन्न सड़क कार्यों और अलोह में 37 लाख रुपये की लागत से बनने वाले स्वास्थ्य उपकेंद्र भवन की आधारशिला भी रखी गई।
मेडिकल कॉलेजों में स्टाफ बढ़ाने का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सुधार कर रही है। प्रदेश में 156 से अधिक सीबीएसई स्कूल खोले गए हैं और स्कूलों में शिक्षकों के 6,000 नए पद भरे गए हैं। उन्होंने कहा कि 31 दिसंबर 2026 तक प्रदेश के सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 90 प्रतिशत चिकित्सा, पैरामेडिकल और सहायक स्टाफ की तैनाती का लक्ष्य रखा गया है। इससे लोगों को प्रदेश में ही बेहतर विशेषज्ञ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाने में मदद मिलेगी।
केंद्र पर वित्तीय नुकसान का आरोप
सुक्खू ने कहा कि हिमाचल को वर्ष 1952 से राजस्व घाटा अनुदान (आरडीजी) मिल रहा था, लेकिन इसे बंद किए जाने से राज्य को हर साल करीब 8,000 से 10,000 करोड़ रुपये का वित्तीय नुकसान हो रहा है। उन्होंने कहा कि इसके बावजूद सरकार हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रयास कर रही है। मुख्यमंत्री ने 2023 की आपदा का जिक्र करते हुए कहा कि उस दौरान करीब 23 हजार मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए और 900 से अधिक लोगों की जान गई। आपदा प्रभावित परिवारों को घर बनाने के लिए मिलने वाली सहायता 1.50 लाख से बढ़ाकर पहले 7 लाख और अब 8 लाख रुपये कर दी गई है।
