एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने रविवार को हिमाचल प्रदेश के इंजीनियरिंग कॉलेजों के बी.टेक. के 44 मेधावी विद्यार्थियों को जापान के अंतरराष्ट्रीय शैक्षणिक भ्रमण-2026 के लिए वर्चुअल माध्यम से रवाना किया। उन्होंने जापान यात्रा पर जा रहे विद्यार्थियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि इस प्रकार के अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर से विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर पर हो रहे तकनीकी विकास, नवाचार और कार्य संस्कृति को समझने का अवसर मिलेगा।
तकनीकी शिक्षा विभाग की ओर से आयोजित यह अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर टूर 6 से 12 सितंबर, 2026 तक चलेगा। विभाग द्वारा आयोजित यह दूसरा अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर टूर है। इससे पहले आईटीआई के विद्यार्थियों के लिए कजाकिस्तान का अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर टूर आयोजित किया गया था, जहां विद्यार्थियों ने कौशल विकास की विभिन्न पद्धतियों और वैश्विक व्यावसायिक शिक्षा प्रणालियों की जानकारी हासिल की थी।
इसी पहल को आगे बढ़ाते हुए अब बी.टेक. के मेधावी विद्यार्थियों को भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तकनीकी एवं औद्योगिक संस्थानों से रूबरू करवाया जा रहा है। जापान जाने वाले विद्यार्थियों में विभिन्न इंजीनियरिंग विषयों के 24 छात्र और 20 छात्राएं शामिल हैं। प्रदेश के पांच इंजीनियरिंग कॉलेजों से इस भ्रमण के लिए करीब 650 आवेदन प्राप्त हुए थे और विद्यार्थियों का चयन पूरी तरह मेरिट के आधार पर किया गया है।
प्रमुख तकनीकी संस्थानों का करेंगे भ्रमण
जापान प्रवास के दौरान विद्यार्थी टोक्यो मेट्रोपॉलिटन यूनिवर्सिटी, जेएएक्सए त्सुकुबा स्पेस सेंटर, साइबरडाइन रोबोटिक्स स्टूडियो, जेएएल एयरोस्पेस फैक्ट्री और क्योसेरा फैक्ट्री सहित ओसाका के विभिन्न औद्योगिक संस्थानों का भ्रमण करेंगे। इस दौरान उन्हें अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी, रोबोटिक्स, एयरोस्पेस, उन्नत विनिर्माण, नवाचार और आधुनिक परिवहन प्रणालियों से संबंधित अत्याधुनिक तकनीकों को नजदीक से समझने का अवसर मिलेगा।
विद्यार्थी जापान की अनुशासित जीवनशैली, कार्य संस्कृति, सामाजिक मूल्यों, तकनीकी पारिस्थितिकी तंत्र और समृद्ध विरासत से भी परिचित होंगे। सरकार का मानना है कि इस प्रकार के अनुभव विद्यार्थियों में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उनकी रोजगार क्षमता और तकनीकी दक्षता को मजबूत करने में सहायक होंगे।
चिकित्सा विद्यार्थियों के चयन की प्रक्रिया शुरू
विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने कहा कि कांग्रेस सरकार ने कार्यभार संभालने के बाद विद्यार्थियों को नई तकनीकों, नवाचारों और वैश्विक कार्यप्रणालियों से परिचित करवाने पर विशेष ध्यान दिया है। उन्होंने कहा कि इससे पहले सरकारी स्कूलों के मेधावी विद्यार्थियों को कंबोडिया और आईटीआई के विद्यार्थियों को कजाकिस्तान की एक्सपोजर विजिट पर भेजा गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि अब राज्य सरकार ने चिकित्सा महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को भी विदेशों में एक्सपोजर विजिट पर भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए विद्यार्थियों के चयन की प्रक्रिया भी आरंभ की जा चुकी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि जापान भूकंप की दृष्टि से संवेदनशील देश होने के बावजूद तकनीकी और आर्थिक क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति कर चुका है। विद्यार्थियों के लिए यह समझना महत्वपूर्ण है कि चुनौतियों के बावजूद आधुनिक तकनीक, अनुशासन और नवाचार के माध्यम से किस प्रकार विकास को गति दी जा सकती है।
आत्मनिर्भर हिमाचल के लक्ष्य पर जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लक्ष्य को हासिल करने के लिए राज्य सरकार ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। सरकार शिक्षा और कौशल विकास के साथ-साथ युवाओं को वैश्विक अवसर उपलब्ध करवाने पर विशेष जोर दे रही है। उन्होंने कहा कि हिमाचल एक खूबसूरत राज्य है और सरकार की विभिन्न पहलें प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होंगी।
तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि जापान की एक्सपोजर विजिट विद्यार्थियों के लिए यादगार अनुभव साबित होगी। उन्होंने कहा कि जापान प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में विश्व के अग्रणी देशों में शामिल है और विद्यार्थियों को वहां की उन्नत तकनीकों के साथ-साथ अनुशासन, सामाजिक मूल्यों और कार्य संस्कृति को समझने का भी अवसर मिलेगा।
इस अवसर पर प्रधान सचिव तकनीकी शिक्षा डॉ. अभिषेक जैन भी उपस्थित रहे।
