एआरबी टाइम्स ब्यूरो, किन्नौर
राजस्व, बागवानी, जनजातीय विकास एवं जन शिकायत निवारण मंत्री जगत सिंह नेगी ने अधिकारियों को विकासात्मक योजनाओं के लिए उपलब्ध बजट का समयबद्ध और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि जिन योजनाओं में बजट की राशि अभी तक खर्च नहीं हो पाई है, उसका अन्य आवश्यक एवं पात्र कार्यों के लिए पुनर्विनियोजन किया जाए।
जगत सिंह नेगी की अध्यक्षता में वीरवार को को रिकांगपिओ में लोक निर्माण विभाग मंडल कल्पा एवं करछम तथा जल शक्ति विभाग मंडल पूह एवं रिकांगपिओ के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले में विभिन्न विकासात्मक योजनाओं और निर्माण कार्यों की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में सुन्नम, नेसंग, लाबरंग, शुदारंग, निचार-छोत कंडा और तानलिंग की पेयजल योजनाओं के अलावा रिब्बा, नमज्ञा, सांगला, रारंग, बारंग, ख्वांगी और रिकांग पीओ की सीवरेज योजनाओं की प्रगति पर चर्चा हुई। इसके साथ ही रिब्बा, जंगी, लिप्पा, ठंगी, बोक्टु, कांचे पोंडा, चौरा, यूला और जानी की बहाव सिंचाई योजनाओं की भी समीक्षा की गई। मल निकासी योजना कल्पा एवं पांगी, विभिन्न भवन निर्माण कार्यों, सड़कों तथा अन्य विकासात्मक कार्यों की वर्तमान स्थिति की जानकारी भी ली गई।
राजस्व मंत्री ने प्रत्येक विकासात्मक योजना में उपलब्ध अप्रयुक्त बजट का विस्तृत ब्यौरा अधिकारियों से मांगा। उन्होंने निर्देश दिए कि अप्रयुक्त राशि को अन्य आवश्यक कार्यों के लिए पुनर्विनियोजित करने संबंधी प्रस्ताव तैयार कर 15 दिनों के भीतर प्रस्तुत किए जाएं, ताकि उपलब्ध धनराशि का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो सके।
आपदा राहत बजट की भी समीक्षा
बैठक में पिछले तीन वर्षों के दौरान प्राकृतिक आपदा से हुए नुकसान की भरपाई के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया निधि (एसडीआरएफ) और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया निधि (एनडीआरएफ) के तहत प्राप्त बजट की भी समीक्षा की गई। मंत्री ने अधिकारियों को वर्षवार और मदवार प्राप्त बजट, खर्च की गई राशि तथा शेष धनराशि का विस्तृत ब्यौरा उपलब्ध करवाने के निर्देश दिए।
उन्होंने आपदा से संबंधित कार्यों में लंबित दायित्वों की जानकारी भी मांगी, ताकि उनके निपटारे के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा सके। उन्होंने कहा कि किन्नौर भौगोलिक एवं प्राकृतिक परिस्थितियों की दृष्टि से संवेदनशील जिला है और प्राकृतिक आपदाओं के कारण सड़क, पेयजल, सिंचाई सहित अन्य आधारभूत सुविधाएं प्रभावित होती रहती हैं। ऐसे में पुनर्बहाली के कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाना चाहिए।
जगत सिंह नेगी ने अधिकारियों को विकासात्मक कार्यों में तेजी लाने, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता बनाए रखने और योजनाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
लोगों की समस्याएं भी सुनीं
बैठक के बाद जन शिकायत निवारण मंत्री ने दूर-दराज के क्षेत्रों से आए लोगों की समस्याएं और मांगें भी सुनीं। उन्होंने विभिन्न शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को इनके शीघ्र निपटारे के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन शिकायतों के समाधान में अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए और प्रत्येक शिकायत पर नियमानुसार त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
बैठक में परियोजना अधिकारी एकीकृत जनजातीय विकास किन्नौर घनश्याम दास, अधीक्षण अभियंता लोक निर्माण प्रदीप सिंह ठाकुर, अधिशाषी अभियंता लोक निर्माण प्रमोद नेगी, अधिशाषी अभियंता जल शक्ति मनोज नेगी सहित अन्य संबंधित अधिकारी एवं अभियंता उपस्थित रहे।
