एआरबी टाइम्स ब्यूरो, हमीरपुर
मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने किशाऊ बहुउद्देशीय परियोजना समझौते को लेकर भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि हिमाचल प्रदेश के हितों की लड़ाई कांग्रेस सरकार ने मजबूती से लड़ी है। उन्होंने कहा कि समझौते से होने वाले लाभ का श्रेय प्रदेश की जनता और कांग्रेस सरकार के प्रयासों को जाता है। मुख्यमंत्री वीरवार को हमीरपुर जिले के नादौन विधानसभा क्षेत्र के रैल में जनसभा को संबोधित कर रहे थे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा नेता अनुराग सिंह ठाकुर और जयराम ठाकुर को उत्तराखंड से पूछना चाहिए कि उनकी पीड़ा क्या है। उन्होंने कहा कि किशाऊ परियोजना के तहत हिमाचल प्रदेश को बिना अतिरिक्त निवेश के करीब 1,500 करोड़ रुपये का लाभ मिलेगा, जबकि उत्तराखंड को समान आय अर्जित करने के लिए लगभग 3,000 करोड़ रुपये खर्च करने पड़ेंगे। उन्होंने कहा कि करीब पांच वर्ष पहले परियोजना की अनुमानित लागत 800 करोड़ रुपये थी, जो अब बढ़कर 3,000 से 5,000 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है।
स्वास्थ्य और शिक्षा क्षेत्र में सुधार का दावा
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र को मजबूत करने के लिए डॉक्टरों और फैकल्टी के साथ चर्चा कर रही है। उन्होंने दावा किया कि पिछली भाजपा सरकार के समय चिकित्सा महाविद्यालयों में करीब 35 प्रतिशत स्टाफ उपलब्ध था, जबकि वर्तमान सरकार में डॉक्टरों, तकनीकी और पैरामेडिकल स्टाफ के पद भरे जाने के बाद यह उपलब्धता करीब 60 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संस्थानों में डायग्नॉस्टिक सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। साथ ही, उन्होंने पिछली भाजपा सरकार के कार्यकाल में हिमकेयर योजना में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए कहा कि योजना में ऐसे बिल भी सामने आए थे, जिनमें पुरुषों की बच्चादानी के ऑपरेशन दर्शाए गए।
केंद्र से सहायता न मिलने का लगाया आरोप
मुख्यमंत्री ने भाजपा सांसदों और विधायकों पर प्रदेश के हितों को लेकर केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी पैरवी नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि आपदा के दौरान भाजपा का कोई सांसद या विधायक हिमाचल के अधिकारों की मांग लेकर केंद्र के पास नहीं गया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा हिमाचल के लिए 1,500 करोड़ रुपये की सहायता की घोषणा की गई थी, लेकिन प्रदेश को अभी तक राशि प्राप्त नहीं हुई है।
उन्होंने आरडीजी के तहत मिलने वाली वार्षिक सहायता में कमी का भी मुद्दा उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पुरानी पेंशन योजना पर कायम है और आगे भी कर्मचारियों के हित में इसे जारी रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य वर्ष 2027 तक हिमाचल को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में आगे ले जाना है।
करनडोला में इसी वर्ष खुलेगा एलाइड हेल्थकेयर कॉलेज
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमीरपुर जिले में एम्स स्तर का आयुर्वेदिक संस्थान स्थापित करने के प्रयास जारी हैं। इसके लिए हिमाचल प्रदेश ने बोली लगाई है और उम्मीद है कि यह संस्थान प्रदेश को मिलेगा।
उन्होंने नादौन के करनडोला में देश का पहला एलाइड हेल्थकेयर कॉलेज इसी वर्ष शुरू करने की घोषणा की। इसके अलावा पॉलिटेक्निक कॉलेज और आईटीआई में न्यू एज कोर्स शुरू करने की बात कही, ताकि विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ रोजगार के बेहतर अवसर मिल सकें।
मुख्यमंत्री ने नादौन विधानसभा क्षेत्र की जनता का आभार जताते हुए कहा कि लोगों ने उन्हें हमेशा स्नेह और समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि आने वाला चुनाव प्रदेश के अधिकारों और हितों का चुनाव होगा।
करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास
मुख्यमंत्री ने रैल में दो करोड़ रुपये की लागत से निर्मित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के भवन का उद्घाटन किया। उन्होंने 2.10 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रैल के भवन तथा 9.43 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित होने वाले राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान नादौन के अतिरिक्त भवन खंड का शिलान्यास भी किया।
इससे पहले मुख्यमंत्री ने रैल में जन स्वास्थ्य शिविर का शुभारंभ किया और पौधरोपण भी किया।
इस अवसर पर कांग्रेस नेता डॉ. पुष्पेंद्र वर्मा, हिमाचल प्रदेश अन्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम के उपाध्यक्ष डॉ. मोहन लाल, ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष पृथ्वी चंद, उपायुक्त गंधर्वा राठौर सहित अन्य गणमान्य उपस्थित रहे।
