एआरबी टाइम्स ब्यूरो, हमीरपुर | चिट्टे के खिलाफ हिमाचल प्रदेश में चल रहे एंटी-चिट्टा जन आंदोलन को गति देने के लिए पुलिस ने युवाओं से सीधा संवाद शुरू किया है। इसी कड़ी में सोमवार को हिमाचल प्रदेश पुलिस ने NIT हमीरपुर के छात्रों के साथ संवाद किया। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) ने छात्रों से नशे के खिलाफ अभियान में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।
NIT के ऑडिटोरियम में स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डीजीपी ने कहा कि 15 नवंबर 2025 से मुख्यमंत्री के नेतृत्व में चल रहा एंटी-चिट्टा जन आंदोलन केवल सरकार या पुलिस तक सीमित नहीं है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए युवाओं, अभिभावकों, शिक्षकों और समाज के हर वर्ग की भागीदारी जरूरी है। डीजीपी ने कहा कि पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी, लेकिन इस लड़ाई को निर्णायक बनाने के लिए समाज की सामूहिक भागीदारी जरूरी है।
16 सितंबर के अभियान में शामिल होने का निमंत्रण
डीजीपी ने NIT हमीरपुर के छात्रों को 16 सितंबर को ऊना में आयोजित होने वाले एंटी-चिट्टा अभियान में शामिल होने का निमंत्रण दिया। उन्होंने संस्थान से छात्रों को बसों के माध्यम से कार्यक्रम में भेजने पर विचार करने का आग्रह भी किया। छात्रों से कहा गया कि किसी भी आपात स्थिति में 112 का उपयोग करें और हिमाचल प्रदेश पुलिस के सोशल मीडिया व वाट्सएप चैनलों से जुड़े रहें। उन्होंने NIT हमीरपुर और पुलिस के बीच तकनीकी सहयोग बढ़ाने की संभावनाओं पर भी चर्चा की।
भविष्य में MoU के माध्यम से साइबर क्राइम, टेक्नोलॉजी और आधुनिक पुलिसिंग से जुड़े प्रोजेक्ट्स में NIT के छात्रों व फैकल्टी की विशेषज्ञता लेने पर विचार किया जा सकता है। वहीं, पुलिस छात्रों को पुलिसिंग का व्यावहारिक अनुभव देने और आईपीएस, एचपीएस समेत अन्य पुलिस सेवाओं में करियर के लिए मार्गदर्शन देने की दिशा में सहयोग कर सकती है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे चिट्टे के खिलाफ अभियान में केवल दर्शक बनकर न रहें, बल्कि अपनी ऊर्जा, विचार और आवाज के साथ इस मुहिम का हिस्सा बनें।
दोस्तों को नशे से बचाने में युवा निभाएं भूमिका

कार्यक्रम में 25 वर्षीय महिला कांस्टेबल निकिता ने भी विद्यार्थियों से संवाद किया। उन्होंने युवाओं से अपील की कि यदि कोई दोस्त नशे की गिरफ्त में आ रहा है तो उसका मजाक उड़ाने या उसे बदनाम करने के बजाय उसकी मदद करें। उन्होंने कहा कि चिट्टा बेचने वालों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाना भी युवाओं की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। इससे नशे के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई में मदद मिल सकती है।
