एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
सर्वपल्ली राधाकृष्णन बी.एड./एम.एड. एवं डिग्री कॉलेज, बालना (नोगली), रामपुर बुशहर में सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के उपलक्ष्य में विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विद्यार्थियों में राष्ट्रप्रेम, राष्ट्रीय एकता, अखंडता और देश के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करना रहा।
कार्यक्रम का शुभारंभ सहायक आचार्य राजिंद्र सदरेट ने किया। उन्होंने संस्थान की प्राचार्या, शिक्षकों, गैर-शिक्षण कर्मचारियों और विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए कार्यक्रम के उद्देश्य एवं महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजन विद्यार्थियों को देश के गौरवशाली इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रीय मूल्यों से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
इसके बाद संस्थान की प्राचार्या डॉ. सीमा भारद्वाज ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया। इस दौरान विद्यार्थियों को ‘वंदे मातरम्’ के ऐतिहासिक एवं राष्ट्रीय महत्व की जानकारी दी गई। सरकार द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के तहत सुबह 11 बजे ‘वंदे मातरम्’ का सामूहिक गायन किया गया, जिसमें विद्यार्थियों, शिक्षकों और गैर-शिक्षण कर्मचारियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
प्राचार्या डॉ. सीमा भारद्वाज ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए ‘वंदे मातरम् सामूहिक ज्ञान कार्यक्रम’ और ‘नमामि भारत’ के तहत ‘वंदे मातरम्’ के 150वें वर्ष के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि स्वतंत्रता आंदोलन, राष्ट्रीय चेतना और मातृभूमि के प्रति सम्मान की भावना का महत्वपूर्ण प्रतीक रहा है। उन्होंने विद्यार्थियों से संविधान, राष्ट्रीय मूल्यों, एकता और अखंडता के प्रति सम्मान रखते हुए जिम्मेदार नागरिक के रूप में अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का आह्वान किया।
संस्थान के अध्यक्ष डॉ. मुकेश कुमार शर्मा ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ भारत की राष्ट्रीय चेतना, स्वतंत्रता आंदोलन और मातृभूमि के प्रति समर्पण की भावना से जुड़ा महत्वपूर्ण राष्ट्रीय गीत है। इसके 150वें वर्ष का आयोजन विद्यार्थियों को देश के इतिहास, संस्कृति और राष्ट्रीय मूल्यों को समझने का अवसर प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल किताबी ज्ञान देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों में अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा, जिम्मेदारी और सकारात्मक सोच का विकास करना भी है। उन्होंने विद्यार्थियों से अपने ज्ञान, प्रतिभा और मेहनत का उपयोग समाज एवं राष्ट्र के विकास में करने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान पूरे संस्थान में देशभक्ति और राष्ट्रीय एकता का वातावरण देखने को मिला। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के सफल आयोजन में संस्थान के शिक्षण एवं गैर-शिक्षण स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
