एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
नशा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए शिमला पुलिस को न्यायालय में अहम सफलता मिली है। नशीले पदार्थों की बरामदगी से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में अदालत ने तीन आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। इनमें पुलिस थाना वेस्ट में दर्ज मामले का एक आरोपी और पुलिस थाना ठियोग में दर्ज मामले के दो आरोपी शामिल हैं। दोनों मामलों में 14 अक्टूबर 2026 को न्यायालय ने जमानत देने से इनकार कर दिया।
वेस्ट थाना मामले में 7.26 ग्राम चिट्टा बरामद
पुलिस थाना वेस्ट, शिमला में अभियोग संख्या 129/2026 के तहत एनडीपीएस अधिनियम की धारा 21 में मामला दर्ज किया गया है। इस मामले में आरोपी राकेश कुमार उर्फ डानू निवासी कांगड़ा के कब्जे से पुलिस ने करीब 7.26 ग्राम चिट्टा (हेरोइन) बरामद किया था।
पुलिस ने मामले की जांच के दौरान साक्ष्य एकत्र किए और आरोपी की ओर से अदालत में दायर जमानत याचिका का विरोध किया। पुलिस ने मामले से जुड़े तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष रखा। इसके बाद 14 अक्टूबर को विशेष न्यायाधीश, सीबीआई कोर्ट, शिमला ने आरोपी की जमानत याचिका खारिज कर दी।
ठियोग मामले में दो आरोपियों की जमानत खारिज
दूसरा मामला पुलिस थाना ठियोग में अभियोग संख्या 111/2026 के तहत दर्ज है। एनडीपीएस अधिनियम की धारा 18, 21 और 29 के अंतर्गत दर्ज इस मामले में 20.34 ग्राम नशीले पदार्थ की बरामदगी से संबंधित कार्रवाई की गई थी। मामले में आरोपी चरणजीत सिंह और जसकरण सिंह के खिलाफ जांच की गई।
पुलिस ने दोनों आरोपियों के विरुद्ध उपलब्ध साक्ष्य जुटाए और उनकी जमानत याचिकाओं का न्यायालय में विरोध किया। पुलिस की ओर से मामले के तथ्यों और साक्ष्यों को अदालत के समक्ष प्रस्तुत किया गया। 14 अक्टूबर 2026 को विशेष न्यायाधीश, शिमला ने दोनों आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं।
शिमला पुलिस के अनुसार, नशा तस्करी से जुड़े मामलों में साक्ष्य-आधारित जांच और प्रभावी न्यायालयीन पैरवी के माध्यम से कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया जा रहा है। पुलिस ने नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई जारी रखने की बात कही है।
