एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
जिला शिमला में पटाखों की अवैध बिक्री और भंडारण करने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने स्पष्ट किया है कि पटाखों की बिक्री के लिए वैध लाइसेंस होना अनिवार्य है। इसके साथ ही पटाखे केवल प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही बेचे जा सकते हैं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने सहित नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उपायुक्त ने कहा कि पटाखों की बिक्री और भंडारण को नियंत्रित करने के लिए विस्फोटक अधिनियम, 1884 तथा विस्फोटक नियम, 2008 के प्रावधान लागू होते हैं। बिना वैध लाइसेंस पटाखों की बिक्री करना और उनका अवैध भंडारण करना कानून का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
तलाई में दुकान से पटाखों के 22 कार्टन जब्त
रामपुर क्षेत्र में अवैध रूप से पटाखे रखने के मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, तलाई (नोगली) स्थित एक दुकान से पटाखों के 22 कार्टन जब्त किए गए हैं। इस मामले में पुलिस थाना रामपुर में एफआईआर संख्या 119/26, दिनांक 28 अक्टूबर, 2026 को दर्ज की गई है।
पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 125 और 288 तथा विस्फोटक अधिनियम, 1884 की धारा 9बी के तहत मामला दर्ज किया है। जब्त पटाखों को बुशहर हाउस, रामपुर में रखा गया है। मामले की जांच पुलिस थाना रामपुर में तैनात हेड कांस्टेबल सुरेंद्र कर रहे हैं।
त्योहारों के दौरान सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता
उपायुक्त अनुपम कश्यप ने कहा कि त्योहारी सीजन के दौरान लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की प्राथमिकता है। पटाखों का अवैध भंडारण और असुरक्षित स्थानों पर बिक्री आगजनी सहित अन्य दुर्घटनाओं का कारण बन सकती है। ऐसे में सभी पटाखा विक्रेताओं को आवश्यक लाइसेंस प्राप्त करने और प्रशासन द्वारा निर्धारित स्थानों पर ही बिक्री करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने पटाखा विक्रेताओं से नियमों का पालन करने तथा आमजन से केवल अधिकृत विक्रेताओं से ही पटाखे खरीदने की अपील की। उन्होंने स्पष्ट किया कि जिला प्रशासन और पुलिस द्वारा नियमों के उल्लंघन पर लगातार निगरानी रखी जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
