एआरबी टाइम्स ब्यूरो, कुल्लू
एनएचपीसी लिमिटेड ने वित्त वर्ष 2026-27 की 30 सितंबर, 2026 को समाप्त तिमाही और छमाही के वित्तीय परिणाम घोषित कर दिए हैं। विद्युत मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन कार्यरत नवरत्न सार्वजनिक क्षेत्र के इस उद्यम के निदेशक मंडल ने 4 नवंबर, 2026 को आयोजित बैठक में वित्तीय परिणामों को मंजूरी दी।
कंपनी ने चालू वित्त वर्ष की पहली छमाही में शानदार वित्तीय प्रदर्शन करते हुए ₹2,639 करोड़ का एकल लाभ कर पश्चात (PAT) दर्ज किया। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह लाभ ₹1,997 करोड़ था। इस प्रकार कंपनी के लाभ में 32 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
दूसरी तिमाही में भी कंपनी का प्रदर्शन बेहतर रहा। जुलाई से सितंबर 2026 के दौरान एनएचपीसी का एकल लाभ कर पश्चात ₹1,525 करोड़ रहा, जबकि पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह ₹926 करोड़ था। इस आधार पर कंपनी के लाभ में 65 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई।
परिचालन से राजस्व में 51 प्रतिशत की वृद्धि
एनएचपीसी का परिचालन से राजस्व चालू वित्त वर्ष की दूसरी तिमाही में 51 प्रतिशत बढ़कर ₹4,125 करोड़ पहुंच गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने ₹2,732 करोड़ का राजस्व अर्जित किया था।
राजस्व में हुई इस उल्लेखनीय वृद्धि के पीछे सुबनसिरी लोअर जलविद्युत परियोजना का आंशिक रूप से चालू होना, वित्त वर्ष 2026-27 की दूसरी तिमाही में तीस्ता-V पावर स्टेशन से वाणिज्यिक विद्युत उत्पादन दोबारा शुरू होना और पार्बती-II पावर स्टेशन का बेहतर उत्पादन प्रदर्शन प्रमुख कारण रहे।
छमाही में अब तक का सर्वाधिक बिजली उत्पादन
कंपनी ने 30 सितंबर, 2026 को समाप्त छमाही के दौरान 21,469 मिलियन यूनिट विद्युत उत्पादन दर्ज किया, जो एनएचपीसी के इतिहास में अब तक का सर्वाधिक छमाही उत्पादन है। यह उपलब्धि पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में दर्ज विद्युत उत्पादन से 27 प्रतिशत अधिक है।
समेकित लाभ में 52 प्रतिशत की बढ़ोतरी
समेकित आधार पर भी कंपनी ने बेहतर वित्तीय परिणाम दर्ज किए। 30 सितंबर, 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही में एनएचपीसी का समेकित लाभ (कंपनी के हिस्से का) ₹1,549 करोड़ रहा। पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में यह ₹1,021 करोड़ था। इस प्रकार समेकित लाभ में 52 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
एनएचपीसी की कुल स्थापित क्षमता वर्तमान में 9,583 मेगावाट है। इसमें कंपनी के 31 पावर स्टेशनों की क्षमता शामिल है, जिसमें पवन एवं सौर ऊर्जा सहित विभिन्न नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से प्राप्त क्षमता भी सम्मिलित है।
कंपनी के वित्तीय परिणामों और विद्युत उत्पादन में हुई वृद्धि को एनएचपीसी के परिचालन विस्तार तथा जलविद्युत परियोजनाओं के बेहतर प्रदर्शन के रूप में देखा जा रहा है।
