एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
हिमाचल प्रदेश सरकार ने राज्य में प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने और आम जनता की सुविधा के लिए प्रशासनिक इकाइयों (Administrative Units) के पुनर्गठन को लेकर एक विशेष आयोग का गठन किया है। इस संबंध में सामान्य प्रशासन विभाग (Section-B) ने 14 अक्टूबर 2026 को अधिसूचना जारी कर दी है। राज्य के राज्यपाल के आदेशानुसार गठित इस आयोग की कमान हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस (सेवानिवृत्त) धरम चंद चौधरी को सौंपी गई है, जिन्हें आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

आयोग की संरचना
अध्यक्ष: जस्टिस धरम चंद चौधरी (सेवानिवृत्त जज, हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट)
सदस्य: विशाल पंवार (अधिवक्ता)
सदस्य: राजेश शर्मा (सेवानिवृत्त आईएफएस)
सदस्य सचिव: निदेशक, भू-अभिलेख (Land Records) विभाग, हिमाचल प्रदेश
इसके अलावा आवश्यकता पड़ने पर अंतर-विभागीय समन्वय और विशेषज्ञ राय के लिए राजस्व, वित्त, ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज, वन, लोक निर्माण विभाग (PWD), जल शक्ति तथा सामान्य प्रशासन विभाग के प्रशासनिक सचिवों को विशेष आमंत्रित सदस्य (Special Invitees) के रूप में शामिल किया जाएगा।
क्या होंगे आयोग के मुख्य कार्य (Terms of Reference)?
मौजूदा ढांचे की समीक्षा: राज्य के जिलों, उप-मंडलों (Sub-Divisions), तहसीलों, उप-तहसीलों, विकास खंडों और अन्य विभागीय विभाजनों के प्रशासनिक ढांचे का आकलन करना।
पुनर्गठन का आकलन: जनसंख्या, भौगोलिक परिस्थितियों, पहुंच (Accessibility) और जनसुविधा के आधार पर नई इकाइयों के सृजन, विलय या विभाजन की आवश्यकता तय करना।
हितधारकों से चर्चा: सिफारिशें तैयार करते समय जन प्रतिनिधियों, संबंधित विभागों और हितधारकों से परामर्श करना।
वित्तीय प्रभाव: नई प्रशासनिक इकाइयों को स्थापित करने के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचे और जनशक्ति (Manpower) के खर्च का अनुमान लगाना।
संसाधनों का सही उपयोग: राज्य पर अतिरिक्त वित्तीय बोझ डाले बिना मौजूदा कार्यालयों को सुव्यवस्थित करने के उपाय सुझाना।
कार्यकाल और मुख्यालय
समय सीमा: आयोग का कार्यकाल अधिसूचना जारी होने की तिथि से 6 महीने का होगा, जिसके भीतर आयोग को अपनी अंतिम रिपोर्ट सरकार को सौंपनी होगी।
मुख्यालय: आयोग का मुख्यालय शिमला में रहेगा।
सहयोग: राजस्व विभाग और संबंधित जिलों के उपायुक्त (DC) आयोग को आवश्यक रिकॉर्ड, जनसांख्यिकीय आंकड़े और सचिवालयी सहायता प्रदान करेंगे।
