एआरबी टाइम्स ब्यूरो | सोलन
हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले के औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में नशीली दवाओं के बड़े मामले में पुलिस ने दवा कंपनी के मालिक को गिरफ्तार किया है। जांच में खुलासा हुआ है कि कंपनी के पास केवल फूड लाइसेंस था, लेकिन वहां नशीली दवाओं समेत अन्य दवाओं का निर्माण किया जा रहा था। पुलिस ने आरोपी को अदालत में पेश कर पांच दिन की रिमांड पर लिया है। वहीं, पहले गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
8 मई को बद्दी पुलिस और ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने सालासर कॉम्प्लेक्स में छापेमारी कर करीब 2,23,084 नशीली दवाओं की गोलियां बरामद की थीं। इस मामले में यूपी के शिव पूजन प्रजापति और कानपुर निवासी अनुराग शुक्ला को गिरफ्तार किया गया था। पूछताछ के दौरान दोनों आरोपियों ने फूड लाइसेंस प्राप्त कंपनी में नशीली दवाएं बनाने का खुलासा किया। पुलिस ने जांच आगे बढ़ाते हुए बद्दी स्थित एश केमिकल कंपनी के मालिक अंकित निवासी कानपुर (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक कंपनी को चॉकलेट और अन्य फूड प्रोडक्ट बनाने का लाइसेंस मिला हुआ था, लेकिन यहां अवैध रूप से नशीली दवाओं और दूसरी मेडिसिन का निर्माण किया जा रहा था।
पांच दिन की पुलिस रिमांड, ड्रग्र विभाग भी करेगा कार्रवाई
गिरफ्तारी के बाद आरोपी अंकित को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया। एएसपी अशोक वर्मा ने बताया कि मामले में गहन पूछताछ जारी है और पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। ड्रग कंट्रोलर डॉ. मनीष कपूर ने बताया कि बद्दी की दो कंपनियों में नशीली दवाएं बनाई जा रही थीं, जबकि उनके पास ड्रग एंड कॉस्मेटिक एक्ट के तहत कोई वैध लाइसेंस नहीं था। अब ड्रग विभाग फूड विभाग को कार्रवाई के लिए लिखेगा और कंपनियों के संचालकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
