एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
प्रदेश सरकार ने हिमकेयर योजना के तहत सरकारी अस्पतालों, मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों में उपचार के खर्च के भुगतान से संबंधित नियमों में संशोधन किया है। विभाग की ओर से जारी नई अधिसूचना ने 8 अप्रैल 2020 को जारी पूर्व अधिसूचना का स्थान ले लिया है।
नई व्यवस्था के तहत हिमकेयर योजना के अंतर्गत उपचार के लिए सरकारी अस्पतालों तथा मेडिकल एवं डेंटल कॉलेजों को वास्तविक रूप से हुए खर्च (Actual Expenditure Cost) अथवा निर्धारित पैकेज दरों, जो भी लागू हो, के आधार पर प्रतिपूर्ति का प्रावधान किया गया है। इसके तहत सरकारी अस्पतालों को वास्तविक उपचार खर्च के साथ हिमकेयर योजना के तहत मिलने वाला निर्धारित पारिश्रमिक भी प्रतिपूर्ति के रूप में प्राप्त हो सकेगा। इसके अलावा सरकारी अस्पतालों को हिमकेयर योजना के लाभार्थियों को आवश्यक दवाइयां, सामग्री, कंज्यूमेबल्स और सर्जिकल आइटम उपलब्ध करवाते हुए कैशलेस उपचार प्रदान करना होगा।
अधिसूचना में स्पष्ट किया गया है कि उपचार के दौरान आवश्यक दवाइयां, कंज्यूमेबल्स, सर्जिकल आइटम और अन्य सामग्री यदि पहले से ही सरकारी आपूर्ति अथवा राज्य सरकार/एनएचएम के बजट के तहत उपलब्ध हैं, तो उनके खर्च का दावा अस्पताल हिमकेयर योजना के तहत अलग से नहीं कर सकेंगे।
इस व्यवस्था का उद्देश्य हिमकेयर योजना के तहत उपचार प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाना तथा लाभार्थियों को सरकारी अस्पतालों में बिना भुगतान के आवश्यक उपचार और सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।
