एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला
लोक निर्माण एवं शहरी विकास मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने सोमवार को शिमला में श्यामार्क ब्रांड का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि इस ब्रांड के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों के व्यवसायियों और स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों की नई पहचान बनाने के साथ व्यापक बाजार उपलब्ध होगा। मसाले, दालें, घी, सूखे मेवे, हस्तशिल्प सहित विभिन्न स्थानीय उत्पाद ई-मार्ट भारत के माध्यम से ऑनलाइन बेचे जा सकेंगे।
विक्रमादित्य सिंह ने कहा कि हिमाचल ई-मार्ट ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है। ऑनलाइन प्लेटफार्म के माध्यम से प्रदेशभर के स्वयं सहायता समूहों को अपने उत्पादों की बिक्री के लिए देशभर में बाजार मिलेगा। इससे शहरों के उपभोक्ताओं को गांवों के स्थानीय उत्पाद उपलब्ध होंगे और उत्पादकों को बेहतर मूल्य प्राप्त करने में मदद मिलेगी।
उन्होंने कहा कि स्वयं सहायता समूह हिमाचल के साथ-साथ देश के विभिन्न राज्यों में भी अपने उत्पाद बेच सकेंगे। आने वाले समय में अधिक से अधिक महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों को इस प्लेटफार्म से जोड़ने के प्रयास किए जाएंगे।
स्थानीय उत्पादों की पैकेजिंग और ब्रांडिंग पर जोर
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि प्रदेश के हस्तशिल्प, कृषि और बागवानी उत्पादों की उचित पैकेजिंग एवं ब्रांडिंग के साथ उन्हें राष्ट्रीय बाजार उपलब्ध करवाना आवश्यक है। इससे स्थानीय उत्पादों की गुणवत्ता और पहचान को बढ़ावा मिलेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार और स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।
उन्होंने कहा कि कैंसर, उच्च रक्तचाप और मधुमेह जैसी जीवनशैली से जुड़ी बीमारियां वर्तमान समय में बड़ी चुनौती हैं। ऐसे में जैविक एवं प्राकृतिक उत्पादों की मांग लगातार बढ़ रही है। लोगों में जैविक उत्पादों के प्रति बढ़ती जागरूकता प्रदेश की महिलाओं और स्वयं सहायता समूहों के लिए बेहतर अवसर है।
उन्होंने स्वयं सहायता समूहों से जैविक उत्पादों को बढ़ावा देने के साथ-साथ उनकी गुणवत्ता, स्वास्थ्यवर्धक गुणों, पैकेजिंग और विपणन पर विशेष ध्यान देने का आग्रह किया। इससे उनकी आय बढ़ने के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।
विक्रमादित्य सिंह ने ई-मार्ट की पहल की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश सरकार इसे सफल बनाने के लिए हरसंभव सहयोग देगी। उन्होंने कहा कि स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय पहचान दिलाने और अधिक से अधिक महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़ने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
महिलाओं के सशक्तिकरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगा बल
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और ग्रामीण क्षेत्रों में स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने के लिए लगातार प्रयासरत हैं। इसी दिशा में ई-मार्ट की पहल महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम सामने आएंगे और यह पहल महिलाओं तथा ग्रामीण समाज के लिए लाभकारी साबित होगी।
अपनी पहचान के साथ सीधे बेच सकेंगे उत्पाद : अरुण वर्मा
ई-मार्ट के संस्थापक अरुण वर्मा ने कहा कि यह प्लेटफार्म केवल हिमाचल प्रदेश तक सीमित नहीं रहेगा। उत्तर भारत के विभिन्न क्षेत्रों को इससे जोड़ा जा चुका है और शहरों में ग्रामीण क्षेत्रों के स्थानीय उत्पाद उपलब्ध करवाने का प्रयास किया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि घी, दालें, हल्दी, गोबर के उपले और गौमूत्र सहित विभिन्न ग्रामीण उत्पादों को ऑनलाइन बाजार उपलब्ध करवाया जाएगा। उत्पादों की देशभर में आपूर्ति के लिए ब्लू डार्ट को डिलीवरी पार्टनर बनाया गया है।
