एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला | प्रदेश के बागवानों को अब सेब और अन्य फलों की तुड़ाई के तुरंत बाद औने-पौने दामों में फसल बेचने की मजबूरी से मुक्ति मिलेगी। बागवानी विभाग प्रदेशभर में एकीकृत बागवानी मिशन (MIDH) के तहत छोटे कोल्ड स्टोर स्थापित करने जा रहा है, जिस पर राज्य सरकार 50 प्रतिशत तक सब्सिडी प्रदान करेगी। यह जानकारी राजधानी शिमला के होटल हॉलिडे होम में ‘कोल्ड स्टोर क्रांति’ विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के दौरान दी गई। ईईएसएल (EESL) के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला की अध्यक्षता बागवानी विभाग के अतिरिक्त निदेशक डॉ. विद्या प्रकाश बैंस ने की।
छोटे कोल्ड स्टोर योजना की मुख्य विशेषताएं
क्षमता और सब्सिडी: योजना के तहत 5 मीट्रिक टन (MT) और 10 मीट्रिक टन क्षमता वाले छोटे कोल्ड स्टोर बनाए जाएंगे, जिन पर 50% अनुदान मिलेगा।
लक्ष्य: इस पहल का मुख्य उद्देश्य छोटे और मध्यम स्तर के बागवानों तक आधुनिक एवं वैज्ञानिक भंडारण तकनीक को पहुंचाना है।
बाजार नियंत्रण: फसल को सुरक्षित रखकर बागवान बाजार की मांग और सही कीमतों के अनुसार अपने उत्पाद बेचने का समय खुद तय कर सकेंगे।
कार्यशाला में विशेषज्ञों की सलाह और आधुनिक तकनीक
कार्यशाला में विशेषज्ञों ने खेत से बाजार तक उपज की सुरक्षा, वैज्ञानिक भंडारण और बेहतर मूल्य दिलाने की रणनीति पर चर्चा की:
तकनीकी सत्र: आधुनिक एवं टिकाऊ कूलिंग सिस्टम, सेब तथा स्टोन फ्रूट्स के वैज्ञानिक भंडारण की तकनीकें साझा की गईं।
सोलर कूलिंग सिस्टम: सौर ऊर्जा आधारित कूलिंग सिस्टम, विद्युत और थर्मल बैकअप तकनीकों का लाइव प्रदर्शन किया गया।
प्रमुख हस्तियों की उपस्थिति: एचपी-शिवा (HP-SHIVA) परियोजना निदेशक डॉ. समीर सिंह राणा तथा नाबार्ड (NABARD) के मुख्य महाप्रबंधक विवेक पठानिया ने वैज्ञानिक भंडारण और बाजार से जुड़ाव पर प्रकाश डाला।
