एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला | हिमाचल प्रदेश में चिट्टा तस्करी के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार तेज हो रही है। इसी कड़ी में शिमला पुलिस ने दो अलग-अलग मामलों की जांच के दौरान अंतरराज्यीय चिट्टा तस्करी से जुड़े दो मुख्य आरोपियों को चंडीगढ़ और मोहाली से गिरफ्तार किया है। पुलिस की तकनीकी जांच में आरोपियों के संपर्क और नशा तस्करी से जुड़ी कड़ियां सामने आई हैं।
बालूगंज थाना क्षेत्र में 27 सितंबर को दर्ज मामले में पुलिस ने करीब छह ग्राम चिट्टे के साथ कुल्लू निवासी 26 वर्षीय क्षितिज को गिरफ्तार किया था। जांच आगे बढ़ी तो आरोपी के मोबाइल फोन से मनीमाजरा, चंडीगढ़ निवासी रोहित उर्फ राहुल के साथ संपर्क का पता चला। पुलिस के अनुसार रोहित इस मामले में नशा तस्करी से जुड़ा मुख्य आरोपी है। पुलिस टीम ने आरोपी के मोबाइल फोन में उपलब्ध व्हाट्सएप चैट, कॉल डिटेल और इंटरनेट से जुड़े तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। जांच में दोनों के बीच संपर्क और मनीमाजरा में मुलाकात के तथ्य सामने आए। इसके आधार पर बालूगंज पुलिस की टीम चंडीगढ़ पहुंची और रोहित को गिरफ्तार कर लिया।
इसी तरह चिड़गांव पुलिस ने 27 सितंबर को बड़ियारा में करीब सात ग्राम चिट्टे के साथ 30 वर्षीय अमित को पकड़ा था। मामले की जांच के दौरान पुलिस को मोबाइल फोन से ऐसे सुराग मिले, जिनसे नशे की खेप के स्रोत तक पहुंचने में मदद मिली। पुलिस के अनुसार अमित को चिट्टा मोहाली में वीरेंद्र नामक व्यक्ति से मिला था। जांच में चिड़गांव निवासी 22 वर्षीय संदीप की भूमिका भी सामने आई। इसके बाद पुलिस टीम ने संदीप को बलौंगी मोहाली से गिरफ्तार किया।
दोनों मामलों में पुलिस अब नशे की सप्लाई के स्रोत और इससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। पुलिस का फोकस केवल नशे की छोटी खेप के साथ पकड़े जाने वाले आरोपियों तक सीमित न रहकर मुख्य सप्लायरों और पूरे नेटवर्क तक पहुंचने पर है। वर्ष 2024 में आठ मुख्य तस्कर गिरफ्तार किए गए और चार तस्करी नेटवर्क ध्वस्त किए गए। वर्ष 2025 में 24 मुख्य तस्करों की गिरफ्तारी हुई और तीन नेटवर्क पर कार्रवाई की गई। वर्ष 2026 में अब तक 80 मुख्य तस्करों को गिरफ्तार किया जा चुका है। -मेहर पंवार, एएसपी शिमला
