एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
लुहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी की बैठक शनिवार को भद्राश में आयोजित की गई। बैठक में परियोजना प्रभावित किसानों की लंबित मांगों, मुआवजे से जुड़े मामलों और आगामी आंदोलनों की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई। साथ ही 10 अगस्त को प्रस्तावित देशव्यापी ‘जेल भरो आंदोलन’ को सफल बनाने का भी आह्वान किया गया।
बैठक को संबोधित करते हुए हिमाचल किसान सभा के राज्य महासचिव राकेश सिंहा, डॉ. ओंकार शाद, लुहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट प्रभावित कमेटी के महासचिव देवकी नंद और कृष्णा राणा ने केंद्र सरकार की किसान और मजदूर विरोधी नीतियों की आलोचना की। उन्होंने आरोप लगाया कि मुक्त व्यापार समझौतों और नए श्रम कानूनों के माध्यम से किसानों और मजदूरों के हितों की अनदेखी की जा रही है।
वक्ताओं ने कहा कि लुहरी हाइड्रो प्रोजेक्ट से प्रभावित किसानों की समस्याओं के समाधान में सरकार, प्रशासन और सतलुज जल विद्युत निगम (एसजेवीएन) अब तक पूरी तरह विफल रहे हैं। उनका कहना था कि कई दौर की बैठकों और सहमतियों के बावजूद बरकेली, फाटी देहरा, बायल और गड़ेच गांवों के किसानों को वर्ष 2021-22 की फसल क्षति का मुआवजा आज तक नहीं मिला है। उन्होंने बताया कि परियोजना में भूमि देने वाले 23 प्रभावित परिवारों को अब तक एकमुश्त राहत राशि का भुगतान नहीं किया गया, जबकि किसान सभा के साथ हुई सहमति के अनुसार यह राशि तत्काल जारी की जानी थी।
बैठक में यह भी आरोप लगाया गया कि ग्राम पंचायत निथर, भूट्टी, करांगला और बढ़ाच में परियोजना के कारण मकानों में आई दरारों का सर्वे होने के बावजूद प्रभावित परिवारों को मुआवजा नहीं दिया गया। इसके अलावा निर्माण कार्य से उड़ने वाली धूल के कारण फसलों को हुए नुकसान का भी अब तक कोई मुआवजा नहीं मिला है, जिससे किसानों में भारी नाराजगी है। किसान सभा नेताओं ने कहा कि प्रभावित किसानों की सभी लंबित मांगों के समाधान तक आंदोलन जारी रहेगा और जरूरत पड़ने पर संघर्ष को और तेज किया जाएगा।
बैठक में प्रेम चौहान, हरदयाल कपूर, काकू कश्यप, ममता, कमलेश, नीना, सरोजनी, रेखा, कपिल, निहाल, नरेश, ऋषि, वीरेंद्र, ओम प्रकाश, डाटा राम जिष्टू, मोहर सिंह, जगत सिंह, अंकुश, चमन, बुद्धि सिंह, हीरा सहित अन्य किसान उपस्थित रहे।
