एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) की हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय इकाई ने विश्वविद्यालय दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री ठाकुर सुखविंद्र सिंह सुक्खू को एक विस्तृत मांग-पत्र सौंपकर विश्वविद्यालय में व्याप्त छात्र, शैक्षणिक, प्रशासनिक और वित्तीय समस्याओं के समाधान के लिए हस्तक्षेप की मांग की। संगठन ने कहा कि प्रदेश का सबसे बड़ा उच्च शिक्षण संस्थान कई गंभीर चुनौतियों से जूझ रहा है, जिसका सीधा असर विद्यार्थियों की शिक्षा और छात्र कल्याण पर पड़ रहा है।
एसएफआई ने अपनी प्रमुख मांगों में प्रत्यक्ष छात्र संघ चुनावों की बहाली को शामिल करते हुए कहा कि छात्र संघ लोकतांत्रिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है और विद्यार्थियों को अपनी समस्याएं उठाने का मंच प्रदान करता है। संगठन ने लिंगदोह समिति की सिफारिशों के अनुरूप चुनाव बहाल करने की मांग की।
संगठन ने विश्वविद्यालय में लगातार बढ़ाई जा रही फीस पर भी चिंता जताई और हालिया फीस वृद्धि को तुरंत वापस लेने की मांग की। एसएफआई का कहना है कि बढ़ती फीस के कारण गरीब, ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों के विद्यार्थियों के लिए उच्च शिक्षा प्राप्त करना कठिन हो रहा है।
ज्ञापन में विश्वविद्यालय के वित्तीय प्रबंधन में सुधार, विभागों के युक्तिकरण, नियमित शिक्षकों को शिक्षण कार्य सौंपने, छात्रावासों की संख्या बढ़ाने तथा एक नए छात्र और छात्रा छात्रावास के निर्माण की मांग भी उठाई गई। संगठन ने पूर्व में हुई शिक्षकों की भर्तियों, निर्माण कार्यों में लागत वृद्धि, वित्तीय अनियमितताओं तथा कैरियर एडवांसमेंट स्कीम (सीएएस) के तहत दी गई पदोन्नतियों की स्वतंत्र जांच कराने की मांग की।
एसएफआई ने कहा कि इन मुद्दों को लेकर पहले भी कई ज्ञापन सौंपे जा चुके हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। संगठन ने मुख्यमंत्री से सभी मामलों में समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने का आग्रह करते हुए कहा कि उसकी मांगें छात्र हितों, लोकतांत्रिक अधिकारों, पारदर्शिता और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से जुड़ी हैं।
