एआरबी टाइम्स ब्यूरो, मुंबई
Women’s Cricket World Cup : जेमिमा रॉड्रिग्ज और कप्तान हरमनप्रीत कौर की ऐतिहासिक पारियों की बदौलत भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने ऑस्ट्रेलिया के विजय रथ को रोकते हुए आईसीसी महिला विश्व कप 2025 के फाइनल में प्रवेश कर लिया। डीवाई पाटिल स्टेडियम, नवी मुंबई में खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में भारत ने ऑस्ट्रेलिया को हराया। ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए लिचफील्ड के शतक की बदौलत 49.5 ओवर में 338 रन का बड़ा लक्ष्य दिया था, लेकिन भारत ने यह चुनौती मात्र 48.3 ओवर में पार कर ली। यह भारत की वनडे विश्व कप इतिहास में सबसे बड़ी सफल रन चेज है।
जेमिमा-हरमनप्रीत की साझेदारी ने बदला मैच का रुख

भारत की शुरुआत अच्छी नहीं रही थी। सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना (19) और शैफाली वर्मा (14) जल्दी आउट होकर लौट गईं। दो विकेट गिरने के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर और जेमिमा रॉड्रिग्ज ने मोर्चा संभाला। दोनों ने तीसरे विकेट के लिए 167 रन की रिकॉर्ड साझेदारी कर भारत को मजबूत स्थिति में ला दिया। जेमिमा ने 127 रन की नाबाद पारी खेली जिसमें 14 चौके शामिल थे। यह उनकी अब तक की सबसे बेहतरीन पारी मानी जा रही है। वहीं कप्तान हरमनप्रीत कौर ने 89 रन बनाए और अपनी पारी में कई शानदार शॉट्स खेले। दोनों ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों पर दबाव बनाए रखा और मैच को एकतरफा बना दिया। हरमनप्रीत और जेमिमा की यह साझेदारी महिला विश्व कप के नॉकआउट मैचों में किसी भी विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी बन गई है। जब भारत को जीत के लिए सिर्फ एक चौका चाहिए था, तब अमनजोत ने शानदार ड्राइव खेलकर टीम को फाइनल में पहुंचा दिया। जीत के बाद भावुक जेमिमा आंसू नहीं रोक सकीं।
ऑस्ट्रेलिया का मजबूत प्रदर्शन, पर हार से नहीं बच सका

ऑस्ट्रेलिया की टीम ने इस मैच से पहले टूर्नामेंट में एक भी मुकाबला नहीं हारा था। उसने ग्रुप चरण में भारत को मात दी थी, लेकिन सेमीफाइनल में भारतीय टीम ने हिसाब बराबर कर लिया। ऑस्ट्रेलिया के लिए युवा बल्लेबाज फोएबी लिचफील्ड ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने मात्र 77 गेंदों में शतक पूरा किया और 22 साल 195 दिन की उम्र में महिला विश्व कप के नॉकआउट मैच में शतक लगाने वाली सबसे युवा बल्लेबाज बन गईं। एशले गार्डनर ने 64 और बेथ मूनी ने 58 रन का योगदान दिया, जिससे टीम बड़ा स्कोर खड़ा कर पाई। हालांकि भारतीय गेंदबाजों ने आखिरी 10 ओवरों में अच्छी वापसी की और ऑस्ट्रेलिया को 350 के पार नहीं जाने दिया।
तीसरी बार फाइनल में पहुंचा भारत
यह पहला मौका नहीं है जब भारत महिला विश्व कप के फाइनल में पहुंचा है। टीम इससे पहले 2005 और 2017 में भी खिताबी मुकाबले तक पहुंची थी, लेकिन दोनों बार ट्रॉफी से चूक गई। अब भारत के पास इतिहास रचने और पहली बार विश्व कप जीतने का सुनहरा मौका है। फाइनल मुकाबला रविवार, 2 नवंबर को मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में खेला जाएगा, जहां भारत का सामना दक्षिण अफ्रीका से होगा।
टीम की प्रतिक्रियाएं
मैच के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर ने कहा,
“यह जीत सिर्फ दो खिलाड़ियों की नहीं, बल्कि पूरी टीम के आत्मविश्वास की है। हमने गलतियों से सीखा और सही समय पर सही निर्णय लिए।”
वहीं जेमिमा रॉड्रिग्ज ने कहा,
“मैंने खुद से वादा किया था कि मैंने खुद से वादा किया था कि इस बार टीम को फाइनल तक ले जाऊंगी। यह पारी मेरे करियर की सबसे खास रहेगी”
