एआरबी टाइम्स ब्यूरो, कुल्लू
हिमाचल प्रदेश की देवभूमि कुल्लू में गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय दशहरा महोत्सव की शुरुआत भगवान रघुनाथ की भव्य रथयात्रा के साथ हुई। इस आस्था और परंपरा के महाकुंभ में करीब 300 देवी-देवता पहुंचे हैं। दोपहर बाद भगवान राम के जयघोष के साथ जैसे ही रथयात्रा शुरू हुई, पूरी कुल्लू घाटी ढोल-नगाड़ों की गूंज से गूंज उठी। भगवान रघुनाथ सुल्तानपुर स्थित मंदिर से शाम 4 बजे पालकी में सवार होकर रथ मैदान पहुंचे। पूजा-अर्चना के बाद पौने पांच बजे हजारों श्रद्धालुओं ने रथ खींचकर उन्हें दशहरा मैदान में स्थित अस्थायी शिविर तक पहुंचाया। दशहरा उत्सव के समापन तक भगवान रघुनाथ यहीं विराजमान रहेंगे। ढालपुर मैदान में ठहरे देवी-देवताओं की सुबह-शाम विशेष पूजा-अर्चना होगी।
राज्यपाल बोले – आस्था और एकता का प्रतीक है दशहरा
राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ल ने सप्ताहभर चलने वाले कुल्लू दशहरा महोत्सव का विधिवत शुभारंभ किया और भगवान रघुनाथ की रथयात्रा में शामिल हुए। उन्होंने कहा कि जहां देश-विदेश में दशहरा अलग-अलग ढंग से मनाया जाता है, वहीं हिमाचल में श्रद्धालु भगवान रघुनाथ का रथ खींचकर आस्था और संस्कृति का संरक्षण करते हैं। यह पर्व केवल उत्सव नहीं, बल्कि आस्था, एकता और सांस्कृतिक धरोहर का प्रतीक है।
राज्यपाल ने हिमाचल को नशामुक्त बनाने का आह्वान किया और प्राकृतिक आपदाओं से सबक लेकर पर्यावरण संरक्षण पर जोर दिया। उन्होंने नागरिकों से नदियों और नालों के किनारे निर्माण न करने की अपील की। राज्यपाल ने विभिन्न विभागों, बोर्डों और एनजीओ द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने कहा कि हिमाचल अपनी प्राकृतिक सुंदरता और परंपराओं के लिए विश्व प्रसिद्ध है और इसे सुरक्षित रखना सभी की जिम्मेदारी है।
इस अवसर पर विधायक सुन्दर ठाकुर, सुरेन्द्र शौरी, भुवनेश्वर गौड़, महिला आयोग की अध्यक्ष विद्या नेगी, उपायुक्त तोरुल एस रवीश और पुलिस अधीक्षक डॉ. कार्तिकेयन गोकुलचन्द्रन सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।
