एआरबी टाइम्स ब्यूरो, किन्नौर।
जिला किन्नौर के रूपी गांव में पहली बार दशहरे के अवसर पर एक दिवसीय रूपी दशहरा मेले का आयोजन किया गया। यह मेला क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक क्षण साबित हुआ, जिसमें क्षेत्र की लोक परंपराएं, संस्कृति और आस्था का अद्भुत संगम देखने को मिला।
श्री श्री श्री महादेव टेरस नारायण मंदिर में आयोजित इस मेले की शुरुआत गांव की सातों पंचायतों की महिलाओं ने की, जो पारंपरिक वेशभूषा में सजकर मंदिर परिसर में पहुंचीं। वहां सबसे पहले मंदिर देवता को पुष्पमालाएं अर्पित कर विधिवत पूजा-अर्चना की गई। इसके बाद पूरे क्षेत्र में पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज के साथ मेले की शुरुआत की गई।
महिलाओं ने सिर्फ मंदिर देवता ही नहीं, बल्कि अन्य ग्राम देवताओं का भी पारंपरिक रीति से स्वागत किया। इस दौरान देवताओं को फूलों की माला पहनाकर श्रद्धा और आस्था प्रकट की गई। सामूहिक रूप से देवताओं के साथ मेले की परिक्रमा कर क्षेत्रवासियों ने एकता और भाईचारे का संदेश दिया।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को बढ़ावा देता है, बल्कि क्षेत्रीय संस्कृति और परंपराओं को सहेजने में भी अहम भूमिका निभाएगा। लोगों की सक्रिय भागीदारी और महिलाओं की विशेष उपस्थिति ने इस मेले को और भी खास बना दिया।
ग्रामीणों का विश्वास है कि आने वाले वर्षों में यह दशहरा मेला एक प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक उत्सव के रूप में उभरेगा, जिसमें दूर-दराज के लोग भी भाग लेंगे। इस आयोजन ने पूरे क्षेत्र में उत्साह, एकता और सांस्कृतिक गर्व का माहौल पैदा किया है।
