एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
हिमाचल प्रदेश में जनगणना 2027 (Census 2027) का कार्य इस बार पूरी तरह डिजिटल तकनीक की मदद से किया जाएगा। केंद्र सरकार जनगणना प्रक्रिया को आधुनिक, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म का उपयोग कर रही है। इसके तहत लोगों को पहली बार स्वगणना (Self Enumeration) की सुविधा मिलेगी, जिससे वे घर बैठे ऑनलाइन अपने और परिवार के सदस्यों का विवरण दर्ज कर सकेंगे। शिमला स्थित जनगणना कार्य निदेशालय के अनुसार, आगामी डिजिटल जनगणना 2027 में कागजी फॉर्म की जगह ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल एप्लीकेशन का उपयोग किया जाएगा। इससे आंकड़ों की सटीकता बढ़ेगी और डेटा प्रोसेसिंग पहले की तुलना में अधिक तेज होगी।
1 जून से 15 जून तक कर सकेंगे ऑनलाइन स्वगणना
हिमाचल प्रदेश में स्वगणना की सुविधा 1 जून से 15 जून 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इस अवधि के दौरान नागरिक एक सुरक्षित ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर स्वयं अपनी और परिवार की जानकारी दर्ज कर सकेंगे। इससे समय की बचत होगी और व्यक्तिगत जानकारी की गोपनीयता भी सुनिश्चित होगी। स्वगणना पूरी होने के बाद प्रत्येक परिवार को 11 अंकों का स्वगणना आईडी नंबर जारी किया जाएगा। यह आईडी आगामी सर्वेक्षण प्रक्रिया में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
16 जून से शुरू होगा घर-घर सर्वेक्षण
जनगणना 2027 के प्रथम चरण के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना का कार्य 16 जून से 15 जुलाई 2026 तक संचालित किया जाएगा। इस दौरान प्रगणक घर-घर जाकर जानकारी एकत्र करेंगे। यदि किसी परिवार ने पहले से ऑनलाइन स्वगणना कर ली होगी, तो उसे केवल अपना 11 अंकों का आईडी नंबर प्रगणक को देना होगा। इसके बाद पोर्टल पर दर्ज जानकारी स्वतः प्रगणक के मोबाइल एप में दिखाई दे जाएगी, जिससे दोबारा विवरण भरने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी।
मोबाइल एप से होगी डेटा एंट्री
इस बार जनगणना कर्मी कागजी फॉर्म लेकर नहीं जाएंगे। वे एचएलओ (HLO) मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से सीधे डिजिटल रूप से जानकारी दर्ज करेंगे। रियल-टाइम डेटा एंट्री की वजह से मानवीय त्रुटियों की संभावना कम होगी और आंकड़ों के संकलन व विश्लेषण की प्रक्रिया तेज होगी। जनगणना अभियान की निगरानी और प्रबंधन के लिए एक विशेष डिजिटल पोर्टल भी विकसित किया गया है। यह पोर्टल अधिकारियों को प्रगति की निगरानी, प्रशिक्षण, संसाधनों के आवंटन और लॉजिस्टिक्स प्रबंधन में सहायता करेगा। इससे पूरे अभियान को अधिक प्रभावी और पारदर्शी तरीके से संचालित किया जा सकेगा।
