एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
शिमला। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में कई फैसलों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने पात्र महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह सम्मान निधि देने, प्रदेशभर में दुकानों को 24 घंटे खोलने की अनुमति, विभिन्न विभागों में नई भर्तियों और प्रशासनिक पुनर्गठन जैसे महत्वपूर्ण निर्णय लिए।
हिमाचल कैबिनेट ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तीकरण के लिए बड़ा फैसला लेते हुए दो लाख रुपये वार्षिक आय से कम वाले परिवारों की सभी पात्र महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह देने की मंजूरी प्रदान की है। सरकार का दावा है कि इस निर्णय से प्रदेश की करीब चार लाख महिलाओं को लाभ मिलेगा। वर्तमान में लगभग 35 हजार महिलाएं Indira Gandhi Pyari Behna Sukh Samman Nidhi Yojana के तहत लाभ प्राप्त कर रही हैं। हालांकि कांग्रेस ने वर्ष 2022 विधानसभा चुनाव में 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी महिलाओं को ₹1500 प्रतिमाह देने का वादा किया था, लेकिन अब योजना को आय सीमा के आधार पर लागू किया गया है।
मंत्रिमंडल ने प्रदेशभर में दुकानों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को 24 घंटे संचालित करने की अनुमति देने का निर्णय लिया है। सरकार का मानना है कि इससे व्यापारिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे। स्वास्थ्य क्षेत्र में कैबिनेट ने मेडिकल कॉलेजों में प्रोफेसरों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष से बढ़ाकर 63 वर्ष करने का फैसला लिया है। सरकार के अनुसार इससे अनुभवी शिक्षकों की सेवाएं एक वर्ष और उपलब्ध रहेंगी। कैबिनेट ने मत्स्य पालन क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के लिए फिशिंग गतिविधियों पर लगने वाली रॉयल्टी दर को 7 प्रतिशत से घटाकर 1 प्रतिशत करने की मंजूरी दी है। इससे इस क्षेत्र से जुड़े लोगों को आर्थिक राहत मिलने की उम्मीद है।
मानदेय और वेतन में बढ़ोतरी
मंत्रिमंडल ने कई श्रेणियों के कर्मचारियों और कार्यकर्ताओं के मानदेय में वृद्धि को भी मंजूरी दी।
- मिड-डे मील वर्कर – ₹500 प्रतिमाह बढ़ोतरी
- एसएमसी शिक्षक – ₹500 प्रतिमाह बढ़ोतरी
- मल्टी टास्क वर्कर – ₹500 प्रतिमाह बढ़ोतरी
- पंचायत चौकीदार – ₹500 प्रतिमाह बढ़ोतरी
- सिलाई अध्यापिकाएं – ₹1000 प्रतिमाह बढ़ोतरी
- पीडब्ल्यूडी मल्टी टास्क वर्कर का वेतन ₹5500 से बढ़ाकर ₹6000 प्रतिमाह
हिमाचल में नई भर्तियों को मंजूरी
हिमाचल कैबिनेट ने विभिन्न विभागों में रिक्त पदों को भरने की अनुमति भी प्रदान की है। इसके तहत:
- पुलिस विभाग में क्लर्क के 12 पद
- स्वास्थ्य विभाग में 105 सीनियर रेजिडेंट डॉक्टर
- सूचना एवं जनसंपर्क विभाग में एपीआरओ के 4 पद
- तकनीकी शिक्षा विभाग में 94 क्राफ्ट इंस्ट्रक्टर
- सीबीएसई पैटर्न वाले सरकारी स्कूलों में 1500 पद
इसके अलावा, Central Board of Secondary Education की तर्ज पर सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए Himachal Pradesh Board of School Education से संबद्ध 300 सरकारी स्कूलों को विकसित करने का निर्णय लिया गया है। मंत्रिमंडल ने जिला, उपमंडल और ब्लॉक स्तर की प्रशासनिक इकाइयों के पुनर्गठन को मंजूरी दी है। इसके साथ ही चंडीगढ़ के निकट ‘हिम चंडीगढ़ एयरोसिटी’ नामक नए शहर के विकास के लिए 8 हजार बीघा भूमि उपलब्ध कराने का फैसला भी लिया गया।
भाजपा ने चुनाव आयोग से की शिकायत
कैबिनेट के फैसलों के बाद भाजपा ने सरकार को घेरते हुए चुनाव आयोग में शिकायत दर्ज कराई है। भाजपा के राज्यसभा सांसद हर्ष महाजन ने आरोप लगाया कि पंचायत, बीडीसी और जिला परिषद चुनावों के दौरान लागू आचार संहिता के बीच कैबिनेट बैठक आयोजित कर सरकार ने चुनावी मर्यादाओं का उल्लंघन किया है। उन्होंने कहा कि महिलाओं को आर्थिक लाभ देने, नई भर्तियों और प्रशासनिक पुनर्गठन जैसे फैसले चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित कर सकते हैं। भाजपा ने चुनाव आयोग से मांग की है कि चुनाव प्रक्रिया पूरी होने तक इन निर्णयों के क्रियान्वयन और प्रचार-प्रसार पर रोक लगाई जाए।
आचार संहिता के बीच कैबिनेट बैठक पर आयोग से कार्रवाई की मांग
हिमाचल प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने आचार संहिता के बीच कैबिनेट बैठक करने पर गंभीर आपत्ति जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि पंचायत चुनाव से ठीक पहले मुख्यमंत्री ने वोटरों को प्रभावित करने के उद्देश्य से लोकलुभावन घोषणाएं कर आदर्श चुनाव आचार संहिता की भावना का उल्लंघन किया है। उन्होंने सरकार ने यह दिखाने की कोशिश की कि कैबिनेट बैठक की कोई आधिकारिक मीडिया ब्रीफिंग नहीं होगी, लेकिन भाजपा के पास ऐसी जानकारी है कि बैठक में लिए गए फैसलों को जानबूझकर मीडिया में प्रसारित कराया गया। उनके अनुसार यह कदम चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े करता है।
