एआरबी टाइम्स ब्यूरो | रामपुर बुशहर
रामपुर विधानसभा क्षेत्र के भाजपा नेता एवं पूर्व हिमकोफेड चेयरमैन कौल सिंह ने प्रदेश सरकार द्वारा ननखड़ी डिग्री कॉलेज के विलय के फैसले का कड़ा विरोध किया है। उन्होंने इस निर्णय को छात्र विरोधी बताते हुए इसे तुरंत वापस लेने की मांग की है।
कौल सिंह ने कहा कि ननखड़ी जैसे पहाड़ी और दुर्गम क्षेत्र में छात्रों की कम संख्या का हवाला देकर कॉलेज का विलय करना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने कहा कि इस फैसले से क्षेत्र की लगभग 15 पंचायतों के ग्रामीण इलाकों के गरीब और मध्यमवर्गीय छात्रों को भारी आर्थिक और मानसिक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि कॉलेज के विलय के बाद छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए दूर-दराज के क्षेत्रों में जाना पड़ेगा, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित होगी और कई विद्यार्थियों के लिए शिक्षा जारी रखना मुश्किल हो जाएगा। यह सीधे तौर पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है।
भाजपा नेता ने कहा कि इस निर्णय से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों की शिक्षा व्यवस्था कमजोर होगी तथा आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे उच्च शिक्षा से वंचित हो सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार छात्रों के शिक्षा के अधिकार का हनन कर रही है।
कौल सिंह ने सरकार से मांग की कि छात्र हित को ध्यान में रखते हुए ननखड़ी कॉलेज को यथावत रखा जाए और विलय संबंधी निर्णय को तत्काल रद्द किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो भाजपा छात्र हित में जन आंदोलन शुरू करने के लिए बाध्य होगी।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार ने सत्ता में आने के बाद व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर रामपुर विधानसभा क्षेत्र में पूर्व भाजपा सरकार द्वारा खोले गए कई शिक्षण संस्थानों और कार्यालयों को बंद करने का काम किया है, जो जनविरोधी कदम है।
