एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
भाजपा नेता एवं पूर्व हिमकोफेड चेयरमैन कौल सिंह नेगी ने दत्तनगर मिल्क प्लांट में दूध उत्पादकों के भुगतान में लगातार हो रही देरी और दूध खरीद से जुड़ी व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि मई और जून माह के दूध का भुगतान अब तक नहीं मिलने से रामपुर उपमंडल सहित अन्य क्षेत्रों के हजारों दुग्ध उत्पादकों को आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
कौल सिंह नेगी ने कहा कि दूध उत्पादक करीब ढाई माह से भुगतान का इंतजार कर रहे हैं और जुलाई माह भी समाप्ति की ओर है। ऐसे में एक और महीने का भुगतान लंबित होने की स्थिति बन रही है। उन्होंने कहा कि हर माह भुगतान में देरी के कारण दुग्ध उत्पादकों के लिए परिवार का खर्च चलाना मुश्किल होता जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि एक ओर सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों की आजीविका बढ़ाने और दुग्ध उत्पादन को प्रोत्साहित करने की बात करती है, वहीं दूसरी ओर दूध खरीद पर 20 लीटर की सीमा, हॉलिडे व्यवस्था और समय पर भुगतान न होना सरकार तथा मिल्कफेड के दावों पर सवाल खड़े करता है।
उन्होंने कहा कि कई लोगों ने बैंक से ऋण लेकर अधिक संख्या में गायें खरीदी हैं, ताकि दुग्ध उत्पादन के माध्यम से अपनी आजीविका मजबूत कर सकें। लेकिन समय पर भुगतान न मिलने से उन्हें बैंक की किस्तें, बच्चों की फीस, इलाज और घरेलू खर्चों को पूरा करने में कठिनाई हो रही है। महीने में कुछ दिन दूध नहीं लिए जाने से उत्पादकों की आय भी प्रभावित हो रही है। उन्होंने सरकार और मिल्कफेड से दूध खरीद पर लागू 20 लीटर की सीमा को तत्काल हटाने और हॉलिडे व्यवस्था समाप्त कर नियमित रूप से दूध खरीद सुनिश्चित करने की मांग की। साथ ही दत्तनगर मिल्क प्लांट की क्षमता बढ़ाने की भी मांग उठाई। कौल सिंह नेगी ने मुख्यमंत्री की ओर से दूध उत्पादकों को 61 रुपये एमएसपी दिए जाने के दावे पर भी सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि दूध उत्पादकों को कहीं भी 61 रुपये प्रति लीटर की दर नहीं मिल रही है और इस संबंध में वास्तविक स्थिति स्पष्ट की जानी चाहिए।
उन्होंने प्रदेश सरकार और मिल्कफेड से दत्तनगर मिल्क प्लांट से जुड़े दुग्ध उत्पादकों का मई और जून माह का लंबित भुगतान तत्काल जारी करने तथा भविष्य में हर माह समय पर भुगतान सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि दूध उत्पादकों की समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया तो भाजपा इस मुद्दे को लेकर सरकार और मिल्कफेड का घेराव करेगी।
