हिमाचल दूध उत्पादक संघ की बैठक शनिवार को किसान मजदूर भवन, चाटी में आयोजित की गई। बैठक में प्रदेश के दूध उत्पादकों के सामने आ रही विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। इस दौरान निर्णय लिया गया कि दूध उत्पादकों की लंबित मांगों को लेकर 6 जुलाई को दत्तनगर में प्रदर्शन किया जाएगा। इसके अलावा 18 जून को शिमला में मिल्कफेड के प्रबंध निदेशक (एमडी) के साथ आयोजित बैठक में भी इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाया जाएगा।
बैठक को संबोधित करते हुए किसान सभा के राज्य सचिव डॉ. ओंकार शाद, देवकी नंद, दूध उत्पादक संघ के संयोजक प्रेम चौहान और रणजीत ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा दूध के खरीद मूल्य में वृद्धि किए जाने के बावजूद दूध उत्पादकों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि दूध की भुगतान राशि समय पर नहीं मिल रही है, कई क्षेत्रों में दूध के उचित दाम नहीं मिल रहे हैं तथा अधिकांश दुग्ध सहकारी समितियों में दूध की गुणवत्ता मापने वाली आधुनिक मशीनें उपलब्ध नहीं हैं।
वक्ताओं ने कहा कि दूध उत्पादकों की आय और हितों की सुरक्षा के लिए सरकार को इन समस्याओं के समाधान की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए। उन्होंने मांग की कि दूध की पेमेंट निर्धारित समय पर सुनिश्चित की जाए, गुणवत्ता के आधार पर पारदर्शी भुगतान व्यवस्था लागू हो तथा सभी दुग्ध समितियों में गुणवत्ता जांच मशीनें उपलब्ध कराई जाएं।
उन्होंने कहा कि हिमाचल दूध उत्पादक संघ लगातार किसानों और दुग्ध उत्पादकों की आवाज उठाता रहा है और भविष्य में भी इन मुद्दों को मजबूती के साथ उठाता रहेगा।
बैठक में पूर्ण ठाकुर, सुभाष, दुर्गा नंद, रीना देवी, सानू देवी, सुषमा, निशा देवी, गुलाब, करतार, राम लाल, दर्शन, काकू कश्यप, रिया, जगदीश सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
