एआरबी टाइम्स ब्यूरो, रामपुर बुशहर
सीपीआई(एम) की रामपुर लोकल कमेटी ने सोमवार को चौधरी अड्डा, रामपुर में राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (एनटीए) द्वारा आयोजित परीक्षाओं में कथित पेपर लीक, शिक्षा में बढ़ते भ्रष्टाचार और छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों पर हो रहे हमलों के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन पार्टी की केंद्रीय कमेटी के आह्वान पर आयोजित किया गया, जिसमें नई दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्रों के प्रति एकजुटता व्यक्त की गई।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि एनटीए की विभिन्न परीक्षाओं में लगातार सामने आ रही अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं ने करोड़ों छात्रों के भविष्य को संकट में डाल दिया है। उनका कहना था कि इससे परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है और छात्रों का भरोसा कमजोर हुआ है। साथ ही, छात्रों के शांतिपूर्ण आंदोलनों को दबाने के प्रयासों को लोकतांत्रिक मूल्यों के विपरीत बताया गया।
धरने को संबोधित करते हुए सीपीआई(एम) रामपुर लोकल कमेटी के सचिव कॉमरेड कुलदीप डोगरा सहित प्रेम चौहान, देविंदर और राहुल विद्यार्थी ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना और एनटीए की जवाबदेही तय करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने पेपर लीक के सभी मामलों की निष्पक्ष और समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
वक्ताओं ने आरोप लगाया कि शिक्षा के बढ़ते निजीकरण, फीस में वृद्धि, सीटों में कटौती और भर्ती परीक्षाओं में कथित भ्रष्टाचार के कारण छात्रों और युवाओं में असंतोष बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करना चाहिए और उनके लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान करना चाहिए। प्रदर्शन के माध्यम से सीपीआई(एम) ने आंदोलनरत छात्रों की न्यायोचित मांगों का समर्थन करते हुए एनटीए की जवाबदेही तय करने, सभी पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों को कड़ी सजा देने और छात्रों के भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग दोहराई।
अंत में पार्टी ने छात्रों, युवाओं, अभिभावकों और लोकतांत्रिक संगठनों से शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली और छात्रों के अधिकारों की रक्षा के लिए इस जनआंदोलन से जुड़ने की अपील की।
