एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
शिमला के बचत भवन में मंगलवार को शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर की अध्यक्षता में जिला शिकायत निवारण समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न उपमंडलों से जुड़े जनहित के मुद्दों पर चर्चा हुई, लेकिन रामपुर उपमंडल से संबंधित समस्याएं प्रमुख रूप से उठाई गईं। इसके अलावा कुमारसैन और चौपाल उपमंडलों से भी सड़क निर्माण और एचआरटीसी बस मार्गों से जुड़े मुद्दे समिति में उठाए गए।
बैठक को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि समिति में सामाजिक मुद्दों को प्रभावी ढंग से उठाया गया है और विभागों ने इनके समाधान की वर्तमान स्थिति तथा आगामी रणनीति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2023 और 2025 की आपदाओं से जिला शिमला को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ था, लेकिन प्रदेश सरकार के विशेष राहत पैकेज के चलते सड़क, पेयजल योजनाओं और अन्य आधारभूत सुविधाओं को बहाल कर सामान्य स्थिति स्थापित की गई है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आरडीजी बंद होने से सरकार को वित्तीय चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है, बावजूद इसके सरकार जनकल्याण के लिए प्रतिबद्ध है।
उपायुक्त शिमला अनुपम कश्यप ने कहा कि जिला शिकायत निवारण समिति प्रशासन और आम जनता के बीच एक प्रभावी सेतु का कार्य करती है। समिति का उद्देश्य शिकायतों का त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करना तथा प्रशासन में पारदर्शिता और जवाबदेही को बढ़ावा देना है।
रामपुर उपमंडल की समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया
रामपुर उपमंडल से गैर सरकारी सदस्य सुदेश कौशिक ने क्षेत्र की कई महत्वपूर्ण समस्याएं समिति के समक्ष रखीं। उन्होंने कहा कि लैलन, कुमसू और बराच जैसे दूरदराज क्षेत्रों में चलने वाली एचआरटीसी बसें अक्सर पुरानी या खराब होती हैं तथा समय-सारिणी का पालन नहीं करतीं। इससे छात्रों और ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने इन क्षेत्रों में नई और बेहतर बस सेवाएं उपलब्ध करवाने की मांग की। इसके अलावा रामपुर और ननखड़ी ब्लॉक की पंचायतों में गर्मियों के दौरान गंभीर पेयजल संकट का मुद्दा भी उठाया गया। क्षतिग्रस्त पाइप लाइनों को बदलने और लंबित पेयजल व सिंचाई योजनाओं को शीघ्र पूरा करने की मांग की गई।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर महात्मा गांधी चिकित्सा सेवा परिसर खनेरी अस्पताल सहित ग्रामीण क्षेत्रों के पीएचसी और सीएचसी में विशेषज्ञ चिकित्सकों तथा पैरामेडिकल स्टाफ की कमी का मुद्दा उठाया गया। सदस्यों ने कहा कि इस कारण मरीजों को आईजीएमसी शिमला रेफर करना पड़ता है।
बैठक में बोंडा, कुंगल बाल्टी, दनसा, देवठी और सुरु सहित विभिन्न ग्रामीण क्षेत्रों को जोड़ने वाली सड़कों की खराब स्थिति का मामला भी प्रमुखता से उठा। आगामी मानसून को देखते हुए सड़कों की मरम्मत, टारिंग और रखरखाव की मांग की गई। शिक्षा व्यवस्था को लेकर ननखड़ी, सराहन और 15/20 क्षेत्र के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के रिक्त पद भरने तथा जर्जर स्कूल भवनों की मरम्मत का मुद्दा भी उठाया गया।
सराहन क्षेत्र से जुड़े मुद्दे भी पहुंचे समिति में
गैर सरकारी सदस्य गंगा राम ने सराहन क्षेत्र में स्वच्छ भारत मिशन के तहत सूखे और गीले कचरे के निस्तारण के लिए प्लांट स्थापित करने की मांग उठाई। इसके अलावा विभिन्न स्कूलों, पशु औषधालयों और डिस्पेंसरियों में रिक्त पद भरने का मामला भी रखा गया।
उन्होंने ज्योरी-सराहन संपर्क मार्ग पर घराट के समीप स्लैब और कलवर्ट निर्माण, सड़क चौड़ीकरण कार्य में पेड़ कटान की प्रक्रिया में हो रही देरी तथा सराहन, बोंडा और शाहधार पंचायतों में भालुओं के बढ़ते आतंक का मुद्दा भी उठाया।
नोगली मेले के आयोजन में आ रही कठिनाइयों का मामला उठा
सदस्य कृष्ण गोपाल ने देवता साहिब लक्ष्मी नारायण कुमसू के पारंपरिक जिला स्तरीय नोगली मेले के आयोजन में आ रही प्रशासनिक और कानूनी बाधाओं का मामला उठाया। उन्होंने कहा कि मेला वर्षों से नोगली मैदान में आयोजित होता रहा है, लेकिन वर्तमान में न्यायालय से अनुमति प्रक्रिया के कारण आयोजन में कठिनाइयां आ रही हैं। उन्होंने सरकार से इस दिशा में स्थायी समाधान निकालने की मांग की।
बैठक में संबंधित विभागों के अधिकारियों ने सभी जन शिकायतों पर विस्तृत जानकारी प्रस्तुत करते हुए मौजूदा स्थिति और प्रस्तावित कार्यवाही से सदस्यों को अवगत कराया।
बैठक में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक गौरव सिंह, एडीएम लॉ एंड ऑर्डर पंकज शर्मा, एएसपी मेहर पंवर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और गैर सरकारी सदस्य उपस्थित रहे।
