एआरबी टाइम्स ब्यूरो | रामपुर बुशहर
नवरत्न सतलुज जल विद्युत निगम (एसजेवीएन) की 1500 मेगावाट परियोजना में कार्यरत संविदा कर्मचारियों का धरना-प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन भी जारी रहा। अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलनरत कर्मचारियों ने प्रबंधन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि अब तक किसी भी स्तर पर सकारात्मक बातचीत शुरू नहीं की गई है, जिससे कर्मचारियों में भारी नाराजगी है।
धरने को संबोधित करते हुए पावर हाउस अध्यक्ष गुरदास ने कहा कि परियोजना में कार्यरत संविदा कर्मचारियों के साथ लगातार भेदभाव किया जा रहा है। समान कार्य करने के बावजूद उन्हें उनके अधिकारों से वंचित रखा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रबंधन कर्मचारियों की समस्याओं को सुनने और समाधान करने के बजाय उन्हें लगातार परेशान कर रहा है। उन्होंने कहा कि सीटू यूनियन द्वारा सौंपे गए मांग पत्र पर भी प्रबंधन कोई ठोस पहल नहीं कर रहा है और न ही किसी समझौते की दिशा में आगे बढ़ रहा है। मजदूरों की मांगों की लगातार अनदेखी किए जाने से कर्मचारियों में असंतोष बढ़ता जा रहा है।
सीटू नेता एवं महासचिव कामराज ने कहा कि मजदूर लंबे समय से अपने अधिकारों और सम्मानजनक कार्य परिस्थितियों की मांग कर रहे हैं, लेकिन कंपनी प्रबंधन उनकी समस्याओं के समाधान को लेकर गंभीर नजर नहीं आ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र वार्ता शुरू नहीं की गई और मांगों का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा।
किसान सभा के जिला अध्यक्ष रंजीत ठाकुर ने भी धरने को संबोधित करते हुए कहा कि मजदूरों की लड़ाई पूरी तरह न्यायसंगत है और किसान सभा इस संघर्ष में उनके साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों के साथ किसी भी प्रकार का भेदभाव स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा प्रबंधन को तुरंत वार्ता कर कर्मचारियों की मांगों का समाधान करना चाहिए।
धरने में शामिल कर्मचारियों ने एकजुटता के साथ अपनी मांगों को दोहराते हुए प्रबंधन से जल्द बातचीत शुरू करने और समस्याओं का समाधान करने की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।
