एआरबी टाइम्स ब्यूरो | धर्मशाला
हिमाचल प्रदेश के जिला कांगड़ा के धर्मशाला की एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने नाबालिग का अपहरण कर उसके साथ दुराचार करने के आरोपी को दोषी करार देते हुए 20 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने यह फैसला सुनाया। अदालत ने दोषी सन्नी उर्फ मिंटा, निवासी गांव तुगबाल (थाना दीनानगर, जिला गुरदासपुर, पंजाब) पर 15 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने की स्थिति में दोषी को अतिरिक्त कैद की सजा भुगतनी होगी।
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यह पूरा मामला मार्च 2022 का है, जब पुलिस थाना खुंडियां में भारतीय दंड संहिता (IPC) की धारा 363, 376, 506 और पॉक्सो (POCSO) अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। पीड़िता के परिजनों ने पुलिस को बताया था कि उनकी करीब 17 वर्षीय बेटी सुबह स्कूल के लिए घर से निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए अपहरण का मामला दर्ज किया और छात्रा की तलाश के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। कड़े प्रयासों के बाद पुलिस टीम ने 12 मार्च 2022 को पीड़िता को पंजाब के गुरदासपुर जिले से सुरक्षित बरामद (दस्तयाब) करने में सफलता हासिल की थी।
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बंधक बनाकर किया था दुष्कर्म
जांच के दौरान पीड़िता ने पुलिस को बताया था कि आरोपी सन्नी के साथ उसकी करीब तीन महीने पहले दोस्ती हुई थी। आरोपी उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया था। इस दौरान दोषी ने पीड़िता को आनंदपुर साहिब और पठानकोट में बंधक बनाकर रखा और उसके साथ कई बार दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। अदालत ने गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर जुर्म को गंभीर मानते हुए दोषी को यह सख्त सजा सुनाई है।
