एआरबी टाइम्स ब्यूरो | शिमला
हिमाचल प्रदेश राज्य वन विकास निगम के कर्मचारियों और दैनिक वेतनभोगी श्रमिकों के लिए राहत भरी खबर है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू की अध्यक्षता में शुक्रवार को आयोजित निगम के निदेशक मंडल की बैठक में कर्मचारियों के हित में कई बड़े फैसले लिए गए हैं। सरकार ने निगम कर्मियों को तीन प्रतिशत महंगाई भत्ता (डीए) बढ़ाने और पात्र कर्मचारियों को बोनस देने की मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही विभिन्न श्रेणियों के श्रमिकों की न्यूनतम दैनिक दिहाड़ी में भी बढ़ोतरी की गई है।
3% महंगाई भत्ता और 175 कर्मचारियों को बोनस
निदेशक मंडल की बैठक में राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुरूप वन निगम के कर्मचारियों को 1 अप्रैल 2025 से तीन प्रतिशत अतिरिक्त महंगाई भत्ता (डीए) देने को हरी झंडी दिखाई गई है। इसके अलावा, निगम के उन 175 कर्मचारियों को भी बोनस देने का निर्णय लिया गया है, जिनका मासिक वेतन 21,000 रुपये तक है। सरकार के इस फैसले से त्योहारी सीजन और आर्थिक मोर्चे पर कर्मचारियों को बड़ी राहत मिलेगी।
अनुबंध और दैनिक वेतनभोगियों का नियमितीकरण
बैठक में कर्मचारियों के नियमितीकरण को लेकर भी बड़ा फैसला हुआ। निदेशक मंडल ने 1 अप्रैल 2026 की राज्य सरकार की अधिसूचना के अनुसार उन दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों की सेवाएं नियमित करने को मंजूरी दी है, जिन्होंने पिछले चार वर्षों के दौरान हर साल कम से कम 240 कार्य दिवस पूरे किए हैं। इसके साथ ही, सरकार की तय नीति के दायरे में आने वाले पात्र अनुबंध (कॉन्ट्रेक्ट) कर्मचारियों के नियमितीकरण को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
दैनिक दिहाड़ी में 25 रुपये की बढ़ोतरी
वन निगम में काम करने वाले विभिन्न श्रेणियों के श्रमिकों को आर्थिक रूप से मजबूती देने के लिए उनकी न्यूनतम दैनिक मजदूरी को 425 रुपये से बढ़ाकर 450 रुपये करने का फैसला लिया गया है। न्यूनतम दिहाड़ी में की गई यह 25 रुपये की बढ़ोतरी 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी मानी जाएगी। मुख्यमंत्री ने निगम की वित्तीय स्थिति को मजबूत करने के लिए अधिकारियों द्वारा किए गए प्रयासों की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने प्रबंधन को निर्देश दिए कि वे निगम की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता सुनिश्चित करने, राजस्व बढ़ाने और कार्यकुशलता में सुधार लाने के लिए नवाचार आधारित कदम उठाना जारी रखें।
