एआरबी टाइम्स ब्यूरो, शिमला | हिमाचल प्रदेश सरकार राज्य के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक नई स्वास्थ्य बीमा नीति लाने जा रही है। मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए बताया कि यह नई स्वास्थ्य बीमा नीति मौजूदा हिमकेयर (HIMCARE) योजना की जगह लागू की जाएगी। नई नीति के तहत पात्र परिवारों को 10 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य बीमा कवर बेहद कम प्रीमियम पर उपलब्ध कराया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस महत्वाकांक्षी नीति के लागू होने के बाद हिमाचल प्रदेश देश का पहला राज्य बन सकता है, जो नाममात्र के प्रीमियम पर इतनी व्यापक स्वास्थ्य बीमा सुविधा उपलब्ध कराएगा। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को बेहतर और समय पर इलाज उपलब्ध कराना है, ताकि कोई भी व्यक्ति पैसों की कमी के कारण उपचार से वंचित न रहे।
यह भी पढ़ें :Shimla: गांवों के सर्वांगीण विकास से रुकेगा पलायन, 2032 तक समृद्ध हिमाचल बनाने का लक्ष्य: मुख्यमंत्री
10 लाख परिवारों को नई स्वास्थ्य बीमा नीति का मिलेगा लाभ
मुख्यमंत्री ने बताया कि नई स्वास्थ्य बीमा नीति के दायरे में प्रदेश के विभिन्न वर्गों से जुड़े करीब 10 लाख परिवारों को शामिल किया जाएगा। योजना के तहत सरकारी अस्पतालों के साथ-साथ प्रमुख मल्टी-स्पेशलिटी और टर्शियरी केयर अस्पतालों को भी सूचीबद्ध (एम्पैनल) किया जाएगा, जिससे लाभार्थियों को गंभीर और उन्नत चिकित्सा सुविधाएं भी मिल सकें। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के प्रत्येक पात्र परिवार को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है। नई नीति को इस प्रकार तैयार किया जा रहा है कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों को इलाज के दौरान आर्थिक बोझ का सामना न करना पड़े।
स्वास्थ्य सेवाओं के आधुनिकीकरण पर सरकार का जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में लगातार सुधार कर रही है। जिला अस्पतालों और सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों में स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। चिकित्सा शिक्षा संस्थानों का आधुनिकीकरण किया जा रहा है और डायग्नोस्टिक सेवाओं को ऑटोमेशन से जोड़ा जा रहा है, ताकि मरीजों को समय पर, पारदर्शी और बेहतर जांच सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी चिकित्सा उपकरणों की खरीद AIIMS, नई दिल्ली के निर्धारित मानकों के अनुसार की जाए। साथ ही सभी सरकारी मेडिकल कॉलेजों के रेडियोलॉजी विभागों को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश भी दिए।
राज्य से बाहर इलाज की जरूरत होगी कम
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार का लक्ष्य हिमाचल में विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं विकसित करना है, ताकि लोगों को गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए दूसरे राज्यों का रुख न करना पड़े। नई स्वास्थ्य बीमा योजना और स्वास्थ्य अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण से प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा बदलाव आएगा। बैठक में मुख्य सचिव केके पंत, प्रधान सचिव (वित्त) देवेश कुमार, स्वास्थ्य सचिव आशीष सिंहमार मौजूद रहे।
